Vistaar NEWS

‘युद्ध छिड़ा तो बम-गोले…’, CM योगी ने बताया संन्यासी का क्या ध्येय होना चाहिए

CM Yogi

सीएम योगी आदित्यनाथ

Sanyasi Goal And Duty: एक संन्यासी का यही ध्येय होना चाहिए. ‘धन’ के निमित्त ‘धर्म’ नहीं त्यागूंगा और छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा. यह कहना है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का. सीएम योगी भारत सेवाश्रम संघ की काशी शाखा के शताब्दी समारोह में पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने बताया कि सन्यासी के जीवन का ध्येय क्या होना चाहिए.

सीएम योगी ने कहा कि शांति के समय धर्म का स्वरूप संयम, सौहार्द और लोककल्याण है, लेकिन राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष के लिए भी तैयार रहना चाहिए.

अस्त्र-शस्त्र पूजन के साथ रक्षा के लिए

सीएम योगी ने बताया कि बौद्ध ईस्ट में मां जगतजननी भगवती की पूजा न सिर्फ धूप और दीप से होती है, बल्कि अस्त्र-शस्त्र से भी होती है. अस्त्र-शस्त्र पूजन के लिए और रक्षा करने के लिए भी है. इसके लिए हमें तैयार रहना होगा. उन्होंने कहा कि भारत सेवाश्रम संघ आज भी अपने मार्ग से बिचलित नहीं हुआ.

बंगाल में बदल गई सरकार: सीएम योगी

उन्होंने बताया कि जब बंगाल में वहां कि सरकार भारत सेवाश्रम संघ के संतों को धमकाने लगी, तो मैं यूपी से देख रहा था. मैंने कह दिया था कि अब ये सरकार कभी नहीं आने वाली है. आप देख भी लीजिए कि वहां से ऐसी सरकार को जनता ने नकार दिया. देश और धर्म के लिए मरेंगे और देश-धर्म के लिए जी रहे हैं. यही जज्बा है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी भारत को भारत बनाए हुए है.

ये भी पढ़ेंः ‘पाकिस्तान का गुणगान करने वालों का वोट नहीं चाहिए’, BJP विधायक ने बताया उन्हें किसका वोट चाहिए, Video

संन्यासी के जीवन का ध्येय क्या?

भारत आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृव्य में नए भारत की ओर प्रवेश कर रहा है. अगर जज्बा नहीं होता तो क्या काशी विश्वनाथ का निर्माण हो पाता? अयोध्या में 500 सालों बाद भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण हो पाया होता. एक सन्यासी के जीवन का यही ध्यान होना चाहिए कि ‘धन’ के निमित्त ‘धर्म’ नहीं त्यागूंगा और छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा.

Exit mobile version