‘बात सीट की नहीं, जीत की…’, सीट शेयरिंग पर गठबंधन के सहयोगियों को अखिलेश की दो टूक
अखिलेश यादव और राहुल गांधी
Uttar Pradesh Politics: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले तमाम राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में लगे हुए हैं. इन सब के बीच नेताओं की बयानबाजी भी जमकर सामने आ रही है. इंडिया गठबंधन में अब तक शीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय नहीं हो पाया है. ऐसे में कई तरह के सवाल और खींचतान देखने को मिल रही है. सीट शेयरिंग को लेकर पहली बार अखिलेश यादव ने खुलकर बात की है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बात सीट की नहीं जीत की है.
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मक़सद जब साफ हो तो हाथ-में-हाथ होता है.निगाह मंज़िल पर हो तो सफ़र आसान होता है! बात बड़ी ये नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है. बात बड़ी ये है कि हम सबको ये सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो. आगे लिखा कि फिर दोहराते हैं. बात सीट की नहीं जीत की है.
मक़सद जब साफ़ हो तो हाथ-में-हाथ होता है
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 4, 2026
निगाह मंज़िल पर हो तो सफ़र आसान होता है!
बात बड़ी ये नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है बात बड़ी ये है कि हम सबको ये सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो।
फिर दोहराते हैं : बात सीट की नहीं जीत की है।… pic.twitter.com/TfAxemKSon
साम्प्रदायिकता फिर कभी सिर न उठा सके- अखिलेश
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि ये जीत हमारे गठबंधन के दलों से बढ़कर हम सबकी उस संयुक्त कोशिश की जीत होगी. जो इसलिए लगातार संघर्षरत है कि साम्प्रदायिकता फिर कभी सिर न उठा सके. लोकतंत्र-संविधान-आरक्षण पर भाजपाई आंच न आए और देश का सौहार्द फिर से खिलखिलाए. देश की तरक्की और खुशहाली फिर से मुस्कुराए. जय संविधान-जय हिंदुस्तान!
अखिलेश का बयान क्यों है खास?
उत्तर प्रदेश में हर दिन नए समीकरण बन और बिगड़ रहे हैं. नए नेता और पुराने नेताओं का पाला बदलने का सिलसिला भी तेज होता जा रहा है. बीते दिनों स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी इंडिया गठबंधन को अपना समर्थन दे दिया है. यही वजह है कि अब सीट शेयरिंग के फॉर्मूले को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं.
इस तरह की बयानबाजी और आपसी खींचतान रोक लगाने के लिए सपा प्रमुख ने अपने संदेश में सीटों की संख्या के बजाय गठबंधन की सामूहिक जीत को प्राथमिकता देने की बात कही है.
कांग्रेस बना रही दबाव
बात यह भी है कि पिछले दिनों कांग्रेस की ओर से सहारनपुर सांसद इमरान मसूद और यूपी प्रभारी राजेन्द्र पाल गौतम सीटों को लेकर दबाव बना रहे हैं. उधर सपा के कई नेता भी कांग्रेस को गठबंधन धर्म निभाने की नसीहत देते हुए संतोष की बात कर रहे हैं.
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