दीवाली में अधिक तैलीय, मसालेदार और मीठे खाद्य पदार्थ पाचन समस्याएं बढ़ा सकते हैं. भोजन संयम से खाएं, छोटे-छोटे हिस्सों में दिनभर कई बार खाएं ताकि पाचन तंत्र पर बोझ न पड़े.
नेपाल के हिमालय में पाया जाने वाला 'मैड हनी' एक दुर्लभ और खतरनाक प्रकार का शहद है. यह शहद रोडोडेंड्रॉन फूलों से बनता है जिनमें ग्रेयानोक्सिन नामक न्यूरोटॉक्सिन पाया जाता है.
आजकल की बदलती जीवनशैली के कारण अधिकतर लोगों में कैल्शियम की कमी हो रही है. इस कमी का मुख्य कारण बिगड़ी हुई डाइट और विटामिन डी की कमी है.
पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं में बच्चे, राहगीर और बुजुर्ग सभी शामिल होते हैं. पटाखों को जलाते समय लापरवाही से जानलेवा हादसे हो सकते हैं, खासकर बच्चों के लिए.
ग्रीन पटाखे कम प्रदूषण फैलाते हैं और सेहत के लिए कम हानिकारक होते हैं. ग्रीन पटाखे पारंपरिक पटाखों की तुलना में 30% कम प्रदूषक छोड़ते हैं और इनसे कम शोर उत्पन्न होता है.
दिवाली पर बाजार में नकली मावा तेजी से बिकता है, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. मावे की शुद्धता पहचानने के लिए कुछ आसान ट्रिक्स अपनाकर त्योहार सुरक्षित मनाया जा सकता है.
सुबह का नाश्ता सेहत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और इसमें सेहतमंद चीजें ही शामिल करनी चाहिए. सुबह छोले भटूरे नहीं खाने चाहिए क्योंकि यह सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं.
बढ़ते पॉल्यूशन और खराब खानपान से स्किन पर नकारात्मक असर होता है. इससे झुर्रियां, मुंहासे और स्किन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे हवा जहरीली होती जा रही है. वायु प्रदूषण से खांसी, सिरदर्द, आंखों में जलन और थकान जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं.
शरीर में प्रोटीन का सही पाचन न होने पर प्यूरिन का स्तर बढ़ जाता है. लहसुन का सेवन यूरिक एसिड की समस्या को कम करने में सहायक होता है.