बांग्लादेश में हिंदू नेता का नामांकन रद्द, शेख हसीना की सीट से गोबिंद चंद्र प्रमाणिक को चुनाव लड़ने से रोका

गोबिंद चंद्र प्रामाणिक ने गोपालगंज-3 से निर्दलीय नामांकन भरा था. ये वही गोपालगंज-3 है, जहां से बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना पीएम थीं. गोबिंद चंद्र प्रमाणिक बांग्लादेश जातीय हिंदू महाजोत (BJHM) संगठन के महासचिव भी हैं.
Hindu leader Gobind Chandra Pramanik's nomination cancelled in Bangladesh (File Photo)

हिंदू नेता गोबिंद चंद्र प्रामाणिक का बांग्लादेश में नामांकन रद्द (File Photo)

Hindu leader nomination cancelled in Bangladesh: बांग्लादेश में पिछले कुछ दिनों से अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसक घटनाएं बढ़ गई हैं. बीते दिनों में 3 हिंदू युवकों की हत्या कर दी गई. इस बीच बांग्लादेश से एक और बड़ी खबर आई है. वहां गोपालगंज-3 से हिंदू नेता गोबिंद चंद्र प्रामाणिक को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया. गोबिंद चंद्र प्रामाणिक ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सीट से नामांकन भरा था.

RSS से जुड़ा है हिंदू नेता का संगठन

गोबिंद चंद्र प्रामाणिक ने गोपालगंज-3 से निर्दलीय नामांकन भरा था. ये वही गोपालगंज-3 है, जहां से बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना पीएम थीं. गोबिंद चंद्र प्रमाणिक बांग्लादेश जातीय हिंदू महाजोत (BJHM) संगठन के महासचिव भी हैं. ये संगठन राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ(RSS) से जुड़ा है. गोपालगंज-3 में बड़ी संख्या में हिंदू आबादी रहती है. यहां 50 प्रतिशत से भी ज्यादा हिंदू वोटर्स हैं.

मतदाताओं के हस्ताक्षर अमान्य घोषित किए

प्रामाणिक ने 28 दिसंबर को गोपालगंज-3 से निर्दलीय नामांकन भरा था. 12 फरवरी को यहां आम चुनाव होने वाले हैं और प्रामाणिक को यहां मजबूत हिंदू चेहरे के तौर पर देखा जा रहा था. नियम के मुताबिक निर्दलीय उम्मीदवार को क्षेत्र में रहने वाले कुल वोटर्स के एक प्रतिशत लोगों के हस्ताक्षर करवाने पड़ते हैं. गोबिंद चंद्र प्रामाणिक का कहना है कि उन्होंने पूरे हस्ताक्षर करवा कर दिए थे, लेकिन ऐन वक्त पर रिटर्निंग ऑफिसर ने हस्ताक्षरों को अमान्य घोषित कर दिया. प्रामाणिक का आरोप है कि उनका नामांकन बीएनपी के कहने पर रद्द किया गया है.

12 फरवरी को होनी है वोटिंग

बांग्लादेश में छात्रों के उग्र आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार गिर गई थी. इसके बाद अगस्त 2024 में हसीना को भागकर भारत में शरण लेनी पड़ी थी. इसके बाद बांग्लादेश में अंतरिम सरकार बनी. अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस हैं. अब 18 महीने बाद 12 फरवरी को बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए वोटिंग होनी है. 

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