US-Iran-Israel War: ईरान पर हमले के दौरान वॉर रूम में थे डोनाल्ड ट्रंप, LIVE देखी सैन्य कार्रवाई
ईरान पर हमले के दौरान वॉर रूम में डोनाल्ड ट्रंप
US-Iran-Israel War: अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (Operation Epic Fury) के तहत ईरान के सैन्य ठिकानों को जमींदोज कर दिया है. व्हाट्स हाउस के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने 28 फरवरी 2026 को ईरान में हुई इस सैन्य कार्रवाई की निगरानी खुद की. ट्रंप ने कहा है कि उनका उद्देश्य अमेरिका के लोगों की सुरक्षा करना है और ईरानी शासन के वजह से पैदा हो रहे खतरों को तत्काल खत्म करना है.
सिचुएशन रूम में रहे जेडी वेंस
व्हाइट हाउस के मुताबिक अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, कैबिनेट के सीनियर ऑफिसर्स के साथ 28 फरवरी को सिचुएशन रूम में मौजूद रहे. यहां से उन्होंने पल-पल के हालात पर नजर रखी.
ट्रंप ने नेतन्याहू से फोन पर बात की
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लैवाइट ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके लिखा कि अपनी नेशनल सिक्योरिटी टीम के सदस्यों के साथ मार-ए-लागो में रात भर हालात पर नजर रखी. ट्रंप ने प्राइम मिनिस्टर नेतन्याहू से फ़ोन पर बात की.
President Trump monitored the situation overnight at Mar a Lago alongside members of his national security team. The President spoke with Prime Minister Netanyahu by phone.
— Karoline Leavitt (@PressSec) February 28, 2026
Prior to the attacks, Secretary Rubio called all members of the gang of eight to provide congressional…
पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा कि हमलों से पहले, सेक्रेटरी रुबियो ने आठ लोगों के सभी सदस्यों को कांग्रेसनल नोटिफिकेशन देने के लिए फोन किया, और वह आठ में से सात सदस्यों तक पहुंचकर उन्हें जानकारी दे पाए. यूएस राष्ट्रपति और उनकी नेशनल सिक्योरिटी टीम पूरे दिन हालात पर करीब से नजर रखेगी.
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अमेरिकी सेंट्रल कमांड का एक्शन जारी
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम का ईरान पर हमला जारी है. राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के बाद ये ऑपरेशन शुरू हुआ. इसे अमेरिकी सरकार ने साहसिक और निर्णायक कदम बताया है. सेंट्रल कमांड मध्य पूर्व और आसपास के क्षेत्रों में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को संभालती है.