इजराइल-अमेरिका के हमले में 85 स्कूली छात्राओं की मौत, ईरानी रक्षा मंत्री के मारे जाने की खबर, ईरान ने भी दागी मिसाइलें
इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला किया.
Israel attacks on America: इजराइल और अमेरिका के ईरान पर किए गए हमले के बाद मिडिल ईस्ट में बेहद तनावपूर्ण स्थिति हो गई है. इजराइली हमले में ईरान की 85 छात्राओं की मौत हो गई है, वहीं 40 से ज्यादा घायल हो गई हैं. इस बीच न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इजराइली हमले में ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नासिरजादेह और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर मोहम्मद पाकपोर भी मारे गए हैं.
ईरान ने अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर किया हमला
वहीं इजराइल और अमेरिका की एयर स्ट्राइक के बाद ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. ईरान ने करीब 400 मिसाइलें दागी हैं. इनमें इजराइल के साथ ही अमेरिका के खाड़ी के देशों(कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब और यूएई) में स्थित सैन्य ठिकानें शामिल हैं. मिडिल ईस्ट के देशों में धमाकों के बाद सभी देशों ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर लिए हैं. सभी स्कूल, दफ्तर और संस्थानों को बंद कर दिया गया है. सभी नागरिकों से शेल्टर लेने के लिए कहा गया है.
तेहरान समेत ईरान के 10 शहरों पर एयर स्ट्राइक
इजराइल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान पर सैन्य कार्रवाई की है. दोनों ने शनिवार सुबह ईरान के तेहरान समेत 10 शहरों पर एयरस्ट्राइक की है. इन हमलों में ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नासिरजादेह और आईआरजीसी के कमांडर मोहम्मद पाकपोर भी मारे जाने की खबर है. हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है.
परमाणु समझौता ना होने पाने के बाद ईरान पर किया हमला
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर बात नहीं बन पाई. इसमें बैलेस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट को लेकर मुद्दा बन गया. ईरान का कहना है कि बैलेस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट देश की रक्षा के लिए बेहद जरूरी है. ईरान का साफ तौर पर कहना है कि बैलेस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को लेकर उसे कोई बात नहीं करनी है. जो भी बात होगी वो परमाणु कार्यक्रम तक हीव सीमित रहेगी.