इस देश में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक! जानिए वजह

Spain Internet Media Ban Children: संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित एक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री सांचेज़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण और डीपफेक जैसे अवैध व आपत्तिजनक कंटेंट की व्यापक मौजूदगी पर गहरी चिंता व्यक्त की.
Social Media Ban

इस देश में सोशल मीडिया पर लगी बैन

Spain Internet Media Ban Children: आज के समय में सोशल मीडिया हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है. दुनिया के लगभग सभी देशों में इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है. सोशल मीडिया लोगों के लिए जितना फायदेमंद है, उतना ही नुकसानदायक भी हो सकता है. इसी के चलते ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और डेनमार्क जैसी सरकारें बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं. वहीं इन देशों के बाद अब स्पेन और ग्रीस भी 16 साल से कम आयु के बच्चों के लिए टिकटॉक, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहे हैं.

स्पेन के प्रधानमंत्री सोशल मीडिया पर क्या बोले?

  • स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने मंगलवार (3 फरवरी 2026) को घोषणा की कि देश में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाना बहुत जरूरी है.
  • उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि यह कदम युवाओं के सुरक्षित भविष्य और उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है.
  • प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि कम उम्र के बच्चे अक्सर सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों का शिकार हो जाते हैं, जिससे उनके भविष्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

प्रधानमंत्री कंटेंट को लेकर क्या कहा?

संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित एक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री सांचेज़ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण और डीपफेक जैसे अवैध व आपत्तिजनक कंटेंट की व्यापक मौजूदगी पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने इन डिजिटल खतरों पर कड़े सवाल खड़े करते हुए तकनीकी कंपनियों की जवाबदेही तय करने और युवाओं को इस ‘डिजिटल वाइल्ड वेस्ट’ से सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया.

सरकार ‘आयु जांच प्रणाली’ के लिए बाध्य करेगी

उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि सरकारें अब इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज नहीं कर पाएंगी. यह पाबंदी सिर्फ नाममात्र की नहीं होगी, बल्कि सरकार सोशल मीडिया कंपनियों को एक मजबूत ‘आयु जांच प्रणाली’ अपनाने के लिए बाध्य करेगी.

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ठोस तकनीक पर ध्यान देना होगा

कंपनियों को अब केवल औपचारिकता निभाने वाले ‘चेक बॉक्स’ से आगे बढ़कर ऐसी ठोस तकनीक पर ध्यान देना होगा, जो असल में बच्चों को इन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करने से रोक सके. फिलहाल अधिकतर ऐप्स पर न्यूनतम आयु 13 वर्ष निर्धारित है, लेकिन बच्चे अपनी गलत उम्र दर्ज कर बड़ी आसानी से अपना अकाउंट बना लेते हैं.

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