शांति वार्ता के बीच फिर भड़का तनाव, ईरान ने बहरीन-कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना

US Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच एक तरफ जहां शांति वार्ता चल रही है, तो वहीं दूसरी तरफ एक दूसरे पर हमले किए जा रहे हैं. जिसके कारण बातचीत को लेकर हर किसी को डर सता रहा है.
डोनाल्ड ट्रंप और मुज्तबा खामेनेई. (फाइल फोटो)

डोनाल्ड ट्रंप और मुज्तबा खामेनेई. (फाइल फोटो)

US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता को लेकर हर कोई परेशान है. ऐसा इसलिए क्योंकि एक तरफ शांति वार्ता चल रही है तो वहीं दूसरी तरफ एक दूसरे पर हमले किए जा रहे हैं. यही वजह है कि इस तरह के काम से पूरी दुनिया परेशान नजर आ रही है. सबको डर है कि अगर दोबारा युद्ध छ‍िड़ता है तो आने वाले दिनों में पूरी दुनिया कई नई मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है.

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत के बावजूद खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. बुधवार को ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए. हालांकि अमेरिकी और खाड़ी देशों की वायु रक्षा प्रणालियों ने अधिकांश हमलों को रास्ते में ही नाकाम कर दिया.

मिसाइलों को पहले ही किया नष्ट  

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान की ओर से दागी गई कई मिसाइलें लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही निष्क्रिय कर दी गई, जबकि बहरीन की ओर बढ़ रही मिसाइलों को अमेरिकी और बहरीनी एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर लिया. अमेरिका ने ईरान के उस दावे को भी खारिज किया, जिसमें तेहरान ने बहरीन स्थित अमेरिकी पांचवीं नौसेना बेड़े के मुख्यालय और एक एयरबेस को निशाना बनाने की बात कही थी.

अमेर‍िका ने किया पलटवार

हमलों के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के रणनीतिक महत्व वाले केश्म द्वीप (Qeshm Island) और कुछ अन्य सैन्य ठिकानों पर हमले किए. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अपने सैनिकों और क्षेत्रीय हितों की रक्षा के लिए की गई.

कुवैत में हमलों के दौरान एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गए और कई इलाकों में सायरन बजाए गए. स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की. कुवैती सेना ने पुष्टि की कि उसके रक्षा तंत्र ने मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए कार्रवाई की.

बातचीत के बीच हो रहे हमले

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम तथा व्यापक समझौते को लेकर बातचीत जारी है. लेकिन, हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और सैन्य कार्रवाइयों ने इस प्रक्रिया को और जटिल बना दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं संभले तो क्षेत्र में बड़ा सैन्य टकराव फिर से भड़क सकता है.

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