इंदौर दूषित पानी मामले में NHRC ने लिया संज्ञान, दो हफ्तों में चीफ सेक्रेटरी से मांगी डिटेल्ड रिपोर्ट
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, मुख्यालय (फाइल तस्वीर)
Indore Water Crisis: मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की वजह से हुईं मौतों के मामले में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (National Human Rights Commission) ने स्वत: संज्ञान लिया है. NHRC की ओर से कहा गया है कि शिकायतों के बावजूद अधिकारियों ने दूषित पानी की सप्लाई रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की. इसके साथ ही मुख्य सचिव अनुराग जैन को आयोग की ओर से नोटिस जारी किया गया है और दो हफ्तों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
प्रारंभिक रिपोर्ट में पानी दूषित पाया गया
भागीरथपुरा इलाके के घरों से पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था. इसकी प्रारंभिक रिपोर्ट आ गई है. इस रिपोर्ट पानी को दूषित बताया गया. इंदौर जिला कलेक्टर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि रिपोर्ट गंदे पानी की ओर इंगित करती है. महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में इसकी कल्चर जांच भी कराई जा रही है. उन्होंने आगे इसकी विस्तृत रिपोर्ट आनी शेष है.
201 मरीजों इलाज जारी
जिला कलेक्टर ने बताया कि निजी और सरकारी अस्पताल मिलाकर 201 मरीजों का इलाज जारी है. इसके साथ ही गुरुवार को 71 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया और 13 मरीजों को भर्ती भी किया गया. उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि डोर-टू-डोर सर्वे किया जा रहा है. क्लोरीन की गोली और ओआरएस सॉल्यूशन वितरित किया जा रहा है. इसके साथ ही पीड़ितों को चिह्नित किया जा रहा है.
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सीएम मोहन यादव नजर बनाए हुए हैं
सीएम मोहन यादव इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा की है. सीएम ने बुधवार को इंदौर पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की थी. इसके अलावा पीड़ित और उसके परिवार को किसी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 7440440511 जारी किया गया है.