‘इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा…’, दूषित पानी मामले में राहुल गांधी ने साधा निशाना, बोले- समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई?

Rahul Gandhi On Indore Water Crisis: इंदौर दूषित पानी मामले में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने निशाना साधा है. उन्होंने अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने सवाल पूछते हुए सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि सीवर पीने के पानी में कैसे मिला?
Congress leader Rahul Gandhi (File Photo)

कांग्रेस नेता राहुल गांधी(File Photo)

Rahul Gandhi On Indore Water Crisis: इंदौर दूषित पानी का मामला राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है, जिसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई दे रही है. लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंदौर में गंदे पानी की वजह से हुई मौत के मामले शासन और प्रशासन दोनों को घेरा है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके उन्होंने लिखा कि इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा.

‘सीवर पीने के पानी में कैसे मिला?’

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान. जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया. लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की, फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने सवाल पूछते हुए लिखा कि सीवर पीने के पानी में कैसे मिला? समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी?

‘ये जवाबदेही की मांग है’

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लिखा कि ये ‘फोकट’ सवाल नहीं – ये जवाबदेही की मांग है. साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है और इस अधिकार की हत्या के लिए BJP का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है.

मध्य प्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है, कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें और जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं.

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महापौर पर उमा भारती ने साधा निशाना

मध्य प्रदेश की पूर्व सीएम उमा भारती ने इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि इंदौर दूषित पानी के मामले में यह कौन कह रहा है कि हमारी चली नहीं. जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता या तो प्रायश्चित या दंड!

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