बर्ड फ्लू या फूड पॉइजनिंग! खरगोन में 140 तोतों की मौत से मचा हड़कंप, मामले की जांच जारी

MP News: डिप्टी डायरेक्टर जीएस सोलंकी ने सुबह उस बगीचे का निरीक्षण किया, जहां तोते मृत अवस्था में मिले थे. इस दौरान वहां कोई नए शव नहीं मिले, लेकिन पेड़ और बांस के पेड़ पर लटके हुए तोतों के शव जरूर नजर आए है.
The death of 140 parrots in Barwah, Khargone has caused panic.

खरगोन: बड़वाह में 140 तोतों की मौत

MP News: खरगोन जिले के बड़वाह में एक्वाडक्ट पुल के निकट पिछले तीन दिनों में 140 तोतों की सामूहिक मौत की खबर भोपाल तक पहुंच गई है. पशु चिकित्सा एवं डेयरी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेकर जिले के विभागीय अधिकारी व खरगोन कलेक्टर को जांच के आदेश दिए है. इस आदेश के बाद गुरुवार (1 जनवरी) सुबह विभाग के उपसंचालक जीएस सोलंकी ने बड़वाह पहुंचकर न सिर्फ इस मामले में स्थानीय पशु चिकित्सकों से जानकारी ली. साथ ही घटनास्थल का मौका मुआयना भी किया.

फूड प्वॉइजनिंग का मामला

यहां सोलंकी ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि मामला बर्ड फ्लू या संक्रामक बीमारी का नहीं बल्कि फूड पॉयजनिंग का ही है. हालांकि उन्होंने भोपाल-जबलपुर लैब से आने वाली विसरा रिपोर्ट का इंतजार करने को भी कहा है. उन्होंने कहा कि उनका विभाग एक्टिव है, लेकिन इस मामले में वन विभाग का रवैया सुस्त है. इस स्थल पर वनकर्मियों की ड्यूटी लगाई जानी थी कि कोई भी पर्यटक या आम व्यक्ति पक्षियों के लिए पुल की रेलिंग पर खाद्य सामग्री न डाले.

इस संबंध में विभाग के एसडीओ से चर्चा की लेकिन उनका जवाब भी संतोषजनक नहीं रहा, लेकिन पशु चिकित्सा विभाग अपना काम सक्रियता से करेगा. उन्होंने पंचायत व नगर पालिका से भी इस संबंध जनजागरुकता के लिए आगे आने की अपील की है. साथ ही आगामी कुछ दिनों तक पक्षी प्रेमियों से अपील की है वे एक्वाडक्ट पुल पर खाद्य सामग्री न डाले. इसके अलावा सभी पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण भी स्थानीय पशु चिकित्सकों ने किया है. कोई भी संचालकों को निर्देश दिया है कि बर्ड फ्लू के लक्षण मिले तो तुरंत सूचना दे. फिलहाल जांच में पोल्ट्री फार्म में ऐसे किसी भी तरह के लक्षण नहीं मिले है.

डिप्टी डायरेक्टर ने किया बगीचे का निरीक्षण

डिप्टी डायरेक्टर जीएस सोलंकी ने सुबह उस बगीचे का निरीक्षण किया, जहां तोते मृत अवस्था में मिले थे. इस दौरान वहां कोई नए शव नहीं मिले, लेकिन पेड़ और बांस के पेड़ पर लटके हुए तोतों के शव जरूर नजर आए है. निरीक्षण के बाद उन्होंने पशु चिकित्सकों डॉ जितेंद्र सैते व अन्य को निर्देश दिए है कि कुछ दिनों तक इस स्थल की निगरानी करते रहे. बड़वाह पशु चिकित्सालय में पदस्थ डॉ सुरेश बघेल ने बताया कि सुबह भी उन्होंने एक्वाडक्ट पुल पर निरीक्षण किया था. पक्षी बड़ी संख्या में पुल व उसके आसपास बैठे हुए थे. साथ ही कुछ लोगों ने चावल,बाजरा सहित अन्य खाद्यान्न रेलिंग पर डाल दिया था, जिसे हटाया गया. उन्होंने कहा कि पक्षियों को चावल के दाने न डालते हुए साफ,कीटनाशक, ज्वार व बाजरा ही डाले.

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इस संबंध में जब फॉरेस्ट रेंजर निशांत डोसी से चर्चा की गई, तो उन्होंने बताया कि वनकर्मी नियमित रूप से घटनास्थल एवं एक्वाडक्ट पुल पर निगरानी कर रहे है. नगर पालिका ने पुल की रेलिंग पर डाले गए खाद्यान्न की सफाई करवाई थी. जहां तक स्थाई ड्यूटी के लगाने की बात है तो सुबह 6 से 8 तक वनकर्मी की स्थाई ड्यूटी लगा दी जाएगी जो लोगों को जागरूक करेंगे.

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