कौन हैं इरफान सुल्तानी, जो बने खामेनेई के खिलाफ प्रोटेस्ट का चेहरा, अब ईरानी सरकार ने सुनाई फांसी की सजा
इरफान सुल्तानी
Who Is Irfan Sultani: ईरान में इस्लामिक शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में अब तक 650 लोगों से ज्यादा की मौत हो चुकी है. 28 दिसंबर से ईरान में खराब अर्थव्यवस्था को लेकर लोगों ने विरोध शुरू कर दिया. धीरे-धीरे ये पूरे देश में फैल गया. सरकार के खिलाफ जब लोगों का गुस्सा फूटा तो सरकार ने फोन सेवा और इंटरनेट बंद कर दी. इस दौरान गुस्साए लोगों ने 50 से ज्यादा शहरों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को अंजाम दिया. हालांकि सरकार ने इस प्रदर्शन में शामिल 10 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. बाकी लोगों की भी तलाश की जा रही है. लेकिन इस दौरान इस्लामिक सरकार एक प्रदर्शनकारी को फांसी दे रही है. यहां जानिए कौन है इरफान सुल्तानी, जिसे खामेनेई सरकार फांसी की सजा सुनाई है?
कौन है इरफान सुल्तानी?
इरफान सुल्तानी ईरान में कराज के फरदीस के रहने वाले हैं. ईरानी सरकार के खिलाफ हो रहे विरोध में शामिल होने पर उन्हें 8 जनवरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. सुल्तानी की उम्र मात्र 26 साल है. उनपर सरकार ने ‘अल्लाह के खिलाफ युद्ध छेड़ने’ जैसा आरोप लगाते हुए सजा-ए-मौत दी है.
परिवार से 10 मिनट मिलाया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुल्तानी को फांसी दी जाएगी. इसकी जानकारी उनके परिवार को 11 जनवरी को दी गई, जिसमें बताया गया कि 14 जनवरी, यानि आज बुधवार को उन्हें फांसी दी जाएगी. रिपोर्ट्स के अनुसार जब सुल्तानी को फांसी की सजा सुनाई गई तो इसके बाद उनको परिवार से मिलने के लिए केवल 10 मिनट का समय दिया गया. वह भी कड़ी सुरक्षा के घेरे में.
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परिवार ने सरकार पर लगाए आरोप
सुल्तानी को फांसी की सुनाए जाने के बाद परिवार और मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया कि सुल्तानी को ना तो वकील मुहैया कराया गया और ना ही सही तरीके से मुकदमा चलाया गया. उनके सभी मौलिक अधिकारों को छीन लिया गया और सीधे फांसी दे दी गई.
ट्रंप ने दी थी कार्रवाई की धमकी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देगा तो अमेरिका कार्रवाई करेगा. डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों से वादा किया था कि आप लोग विरोध जारी रखें. मदद आ रही है. ट्रंप ने यह भी कहा था कि ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठक रद्द कर दी है. ईरानी सरकार ने भी पलटवार करते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो वह भी चुप नहीं रहेगा. ईरान जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है.