सुप्रीम कोर्ट से ममता सरकार को बड़ा झटका, ED के अधिकारियों पर FIR दर्ज करने पर लगाई रोक, I-PAC के दफ्तरों पर की थी छापेमारी

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में दोनों पक्षों को सुना. ईडी की तरफ से सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने अपना पक्ष कोर्ट में रखा. एसजी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्टेट पुलिस के साथ मिलकर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की है.
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ED raid case in Supreme Court: ईडी के अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट से ममता सरकार को झटका लगा है. कोर्ट ने ईडी के अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगा दी है. कुछ दिन पहले कोलकाता में आई-पैक के ऑफिस पर ईडी ने रेड की थी. इस दौरान ईडी के अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी. जिसके बाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही कोर्ट ने सरकार से दो हफ्ते में जवाब मांगा है.

‘एजेंसी की जांच में दखल नहीं दी जा सकती’

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में दोनों पक्षों को सुना. ईडी की तरफ से सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने अपना पक्ष कोर्ट में रखा. एसजी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्टेट पुलिस के साथ मिलकर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की है. इसके साथ ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ईडी के अधिकारियों के मोबाइल, लैपटॉप और जरूरी दस्तावेज भी छीन लिया था.

वहीं मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा है कि जांच एजेंसियों के काम में दखल नहीं दी जा सकती है. इसके साथ ही कोर्ट ने ईडी के अधिकारियों पर एफआईआर पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी किया है. साथ ही दो हफ्ते में जवाब देने के लिए कहा है.

‘एजेंसी को चुनाव के काम में दखल देने का अधिकार नहीं’

सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए आगे कहा कि किसी भी एजेंसी को चुनाव के काम में दखल देने का अधिकार नहीं है. लेकिन अगर कोई केंद्रीय एजेंसी अपराध की जांच कर रही है तो भी पार्टी के कामों की आड़ में उसकी शक्तियों में रुकावट नहीं डालनी चाहिए. वहीं मामले में ईडी की तरफ से मांग की गई है कि जांच एजेंसी के कामों में बाधा डालने को लेकर पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार और कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार वर्मा को तुरंत निलंबित करके उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए.

ED ने I-PAC के दफ्तर पर की थी छापेमारी

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पिछले हफ्ते ईडी ने पॉलिटिकल कंसल्टेंट कंपनी आई-पैक(I-PAC) के दफ्तर पर छापेमारी की थी. जिसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंच गईं. ईडी का आरोप है कि इस दौरान ममता बनर्जी ने अधिकारियों के मोबाइल छीन लिए और जांच नहीं करने दी. इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है.

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