MP के कई जिलों में घरों तक नहीं पहुंचा पानी, नल कनेक्शन पहुंचाने में अफसर नाकाम, 3 AE और 13 EE को नोटिस

MP News: नल जल योजना को लेकर प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कार्यों की प्रगति में किसी प्रकार की शिथिलता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.
Nal Jal yojana

नल जल योजना

MP News: मध्य प्रदेश के कई जिलों में अफसरों की हीलाहवाली से ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल कनेक्शन देने का टारगेट पूरा नहीं हो पाया है. यह खुलासा गुरुवार को प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी पी नरहरि के समक्ष जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा के दौरान हुआ. प्रमुख सचिव ने इस लापरवाही पर 3 अधीक्षण यंत्रियों और 13 कार्यपालन यंत्रियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए.

प्रमुख सचिव ने कहा है कि कार्यों की धीमी प्रगति के लिए संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी. वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए एकल नलजल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाने की प्रगति की जिलेवार समीक्षा की गई. इस दौरान पाया गया कि कई जिलों में घरों तक नल कनेक्शन प्रदान किए जाने की गति निर्धारित लक्ष्यों और तय समय-सीमा के अनुरूप नहीं है.

CBI को भी सौंपा गया मामला

  • प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कार्यों की प्रगति में किसी प्रकार की शिथिलता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी. हालांकि पिछले दिनों हुई मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक के दौरान प्रमुख सचिव ने बताया कि दो दर्जन से अधिक के ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड किया गया है.
  • इसके अलावा मामला सीबीआई को भी सौंपा गया है. कई अधिकारियों के खिलाफ पहले भी नोटिस जारी किए गए हैं और ठेकेदारों को जुर्माना भी लगाया गया है. इसके साथ ही मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन में हुए भ्रष्टाचार के मामले में एक्शन लेने के लिए निर्देश दिए थे. जिसके बाद कई अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया गया है.

280 ठेकेदार हो चुके ब्लैक लिस्ट

मध्य प्रदेश में जल जीवन का कामकाज कई चरणों में हुआ पहले चरण में राशि पूरी खर्च हो गई लेकिन उसके बाद भी बालाघाट से लेकर बुरहानपुर, डिंडोरी और खंडवा में भी काम नहीं हुआ. जिसके बाद 200 से अधिक ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई विभाग ने की. साथ ही उन अधिकारियों पर भी एक्शन लिया गया है जो समय पर ठेकेदारों से काम नहीं करा पाए. खास तौर पर ग्रामीण अंचलों में पाइप लाइन बिछाने के बाद भी पानी की सप्लाई नहीं हो पाई. ऐसी तस्वीर आए दिन पूरे प्रदेश भर से नजर आती है.

ये भी पढ़ेंः ‘मेरे पास कपड़े और जूते तक नहीं, वापस बुला लो…’, शादी करके पाकिस्तान में फंसी सरबजीत कौर ने पूर्व पति से लगाई गुहार

विधानसभा में बीजेपी कांग्रेस ने उठाया मुद्दा

  • जल जीवन मिशन में 30 हजार करोड़ से अधिक की राशि खर्च होने के बाद भी मध्य प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा दोनों के विधायकों ने जमकर विधानसभा में मुद्दा उठाया. हालांकि मुख्य सचिव ने जांच के लिए निर्देश दिए.
  • विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से यह कहा गया कि सरकार इस मामले में कार्रवाई कराई. जहां पर भी जल पेय की समस्या आ रही है. वहां पर जल जीवन मिशन का काम अधूरा है तो वहां पर पानी की अतिरिक्त व्यवस्था की जाए, इसके अलावा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया जाए.

ज़रूर पढ़ें