‘हैसियत शून्य के बराबर, जयचंद पैदा कर चुनाव जीत रही BJP’, BMC चुनाव में हार के बाद बोले संजय राउत

Sanjay Raut on BJP: शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने कहा कि भाजपा जयचंद पैदा कर चुनाव जीत रही है. संजय राउत ने वोटिंग की गिनती के दौरान भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाए थे.
sanjay raut And Eknath Shinde

शिवसेना उद्धव गुट नेता संजय राउत और एकनाथ शिंदे

BMC Politics: बीएमसी चुनाव में 25 सालों बाद ठाकरे परिवार सत्ता से बाहर हुए हैं. अब बीएमसी को पहली बार महायुति (भाजपा और शिवसेना शिंदे गुट) का मेयर मिलेगा. बीएमसी के अलावा ठाकरे ब्रदर्स को महाराष्ट्र निकाय चुनाव में भी करारी हार का सामना करना पड़ा है. हार से बौखलाए ठाकरे परिवार की पार्टी शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भाजपा जयचंद पैदा कर चुनाव जीत रही है. संजय राउत ने वोटिंग की गिनती के दौरान भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाए थे.

संजय राउत ने मीडिया से बातचीत करते हुए बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस हैं. सीएम होने के नाते उनके पास पर्याप्त संसाधन हैं. भाजपा मुंबई में जीती है, यह नहीं मानना चाहिए क्योंकि मामला बराबरी का है. विपक्ष की ताकत बीएमसी के सदन में बराबरी की है. ये लोग क्या कर लेंगे? ये मुंबई का सौदा नहीं कर सकते हैं.

जयचंद पैदा कर चुनाव जीत रहे…

  • इसके आगे उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा सभी प्रदेशों में हर पार्टी को तोड़कर ‘जयचंद’ पैदा करके ही चुनाव जीतती है. इस दौरान वे बगैर नाम लिए महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर वार कर रहे थे.
  • संजय राउत ने कहा कि ये लोग हर प्रदेश और हर शहर में पार्टी को तोड़ने का कार्य करते हैं. अकेले में इनकी हैसियत शून्य के बराबर है.

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हार के बाद राज ठाकरे का आया रिएक्शन

संजय राउत के अलावा राज ठाकरे ने भी हार के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, “महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और शिवसेना के सभी जीते उम्मीदवारों को मेरी तरफ से बधाई. इस बार का चुनाव बिल्कुल भी आसान नहीं था. चुनाव में शिवसेना की लड़ाई पैसे और पावर की ताकत से थी. हालांकि हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. हमारे प्रत्याशियों की जितनी प्रशंसा की जाए, कम है. लेकिन हमें इस बात का दुख भी है कि उम्मीद के मुताबिक सीट नहीं मिली. इसके बावजूद हम निराश होने वाले लोग नहीं हैं.

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