Rewa News: मेडिकल साइंस के लिए चुनौती बना रीवा का शख्स, 50 सालों से नहीं आई नींद! बिना सोए गुजर रही जिंदगी
मोहनलाल द्विवेदी
Rewa News: अगर आपको एक दिन नींद ना आए तो दूसरा दिन ठीक से नहीं गुजरता है. लेकिन रीवा में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जहां एक शख्स पिछले करीब 50 सालों से जाग रहा है. बात तो चौंकाने वाली है कि भला कोई इतने सालों तक सोए बिना कैसे जीवित रह सकता है. लेकिन इनका दावा है कि ये करीब 50 सालों से नहीं सोए हैं.
50 सालों से नहीं सोया व्यक्ति
मध्य प्रदेश में रीवा के रहने वाले रिटायर्ड ज्वाइंट कलेक्टर मोहनलाल द्विवेदी मेडिकल साइंस के लिए चुनौती बन बैठे हैं. वे करीब 50 सालों से सोए ही नहीं हैं. यह बात हैरान करने वाली जरूर है, लेकिन दावा कुछ ऐसा ही है. मोहनलाल द्विवेदी का कहना है कि जब देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थी तब उन्होंने अंतिम बार नींद ली थी, उसके बाद 73 साल के मोहनलाल द्विवेदी की अभी तक पलकें ही नहीं झपकी हैं. उससे भी अजीब बात यह है कि न सोने के बाद भी उन्हें किसी भी प्रकार की शारीरिक परेशानी नहीं होती है. अगर वह नींद की दवाइयां लेते हैं तो उनके शरीर में परेशानी होने लगती है.
रात के करीब 2 बजे जाग रहे थे
रात के लगभग 2:00 बजे जब हर कोई सो रहा था तब विस्तार न्यूज़ मोहनलाल द्विवेदी के घर पहुंचा. वहां जब घंटी बजाई तो थोड़ी ही देर में मोहनलाल द्विवेदी ने दरवाजा खोला इतनी रात को किसी को आता देख पहले तो थोड़ा घबरा गये, लेकिन हमने बताया है कि हम विस्तार न्यूज़ से हैं और हम यह जानने के लिए आए हैं कि क्या वाकई आप जग रहे हैं.
मोहनलाल द्विवेदी ने क्या बताया?
इसके बाद जब बातचीत शुरू हुई तो मोहनलाल द्विवेदी ने बताया कि शुरू में इस बात को बहुत गंभीरता से लिया गया. हमने मुंबई से लेकर हर जगह डॉक्टर को दिखाया, लेकिन डॉक्टर इसे पकड़ ही नहीं पाए. फिर क्या कारण है कि जीवन से नींद गायब ही हो गई. डॉक्टर ने नींद की दवाइयां देने शुरू किया तो शरीर में दर्द होने लगा. लेकिन न सोने से शरीर में कोई भी समस्या या बदलाव देखने को नहीं मिल रहा था. आगे उन्होंने बताया कि कभी उनको ऐसा महसूस ही नहीं हुआ कि उनको नींद आ रही है यह किसी प्रकार की उबासी या आलस महसूस हो रही है.
मोहनलाल की पत्नी ने क्या बताया?
बता दें कि अपनी पत्नी के साथ मोहनलाल द्विवेदी अपने घर में रहते हैं. बातचीत के समय उनकी पत्नी भी आ गईं. उनकी पत्नी से जब इस बारे में पूछा गया, तो उनकी पत्नी ने बताया कि उन्होंने भी कभी उनको सोते हुए नहीं देखा. शुरू में घर वाले बहुत परेशान हुए, हम सब ने उनके इलाज के लिए तमाम प्रयास भी किया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं निकला. आगे उन्होंने बताया कि जब उनकी शादी हुई थी, तब वह सोया करते थे लेकिन धीरे-धीरे जीवन से नींद गायब ही हो गई. इसलिए कभी रात में किताब पढ़ते हुए तो कभी टहलते हुए दिख जाते हैं.
मेडिकल साइंस के लिए चुनौती
अब मेडिकल साइंस को चुनौती देने वाला यह सवाल है कि आखिरकार कोई इतने सालों तक बिना नींद के कैसे रह सकता है. इसको जानने के लिए विस्तार न्यूज़ ने मनोचिकित्सक रॉबिन गोयल से जब बातचीत की तो उन्होंने इस बात को मानने से ही इनकार कर दिया. डॉक्टर का कहना है कि प्रैक्टिकली ऐसा संभव ही नहीं है, क्योंकि थोड़े दिन भी ना सोने के बाद शारीरिक परिवर्तन देखने को मिलने लगता है और कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि हम सोए नहीं, लेकिन थोड़ा बहुत हम सो लेते हैं.