20 दिनों में 65,000 की छलांग, क्या मिडिल क्लास की पहुंच से बाहर हो रहा है ‘सफेद सोना’? जानिए चांदी को अचानक हुआ क्या

Industrial demand for silver: पिछले कुछ महीनों में भारतीय बाजार में चांदी की कीमतों ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. जनवरी 2026 में चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया है. भारत में चांदी का भाव 3 लाख रुपये प्रति किलो के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है.
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चांदी की बाज़ार में 'चांदी'

Silver Price Hike: चांदी की चमक इन दिनों सोने से भी तेज नजर आ रही है. अगर आप भी हैरान हैं कि चांदी की कीमतें आसमान क्यों छू रही हैं, तो आप बिल्कुल सही पते पर आए हैं. यहां हम बहुत ही आसान भाषा में उन सभी कारणों को समझेंगे जिनकी वजह से चांदी ‘महंगी’ होती जा रही है.

पिछले कुछ महीनों में भारतीय बाजार में चांदी की कीमतों ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. जनवरी 2026 में चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया है. भारत में चांदी का भाव 3 लाख रुपये प्रति किलो के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है. महज 18-20 दिनों के भीतर इसमें 65,000 रुपए से ज्यादा की तेजी देखी गई है. ऐसे में मध्यम वर्ग और निवेशकों के मन में एक ही सवाल है कि चांदी इतनी महंगी क्यों हो रही है?

औद्योगिक मांग में भारी उछाल

चांदी सिर्फ गहनों के लिए नहीं होती. इसका सबसे बड़ा उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में होता है. वहीं, दुनिया भर में ग्रीन एनर्जी पर जोर दिया जा रहा है, जिससे सोलर पैनल बनाने में चांदी की खपत बढ़ गई है. इसके अलावा, 5G चिप्स और डिवाइस बनाने में चांदी का काफी उपयोग होता है.

सप्लाई में कमी (Supply Deficit)

मांग तो बढ़ रही है, लेकिन जमीन से चांदी निकलने की रफ्तार यानी माइनिंग उतनी नहीं बढ़ी है. जब किसी चीज की मांग ज्यादा हो और वह बाजार में कम उपलब्ध हो, तो उसकी कीमत बढ़ना तय है.

ग्लोबल इकोनॉमी और डॉलर का असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब भी अनिश्चितता होती है, तो निवेशक डॉलर या शेयर बाजार के बजाय सोने-चांदी में पैसा लगाना सुरक्षित समझते हैं. इसे ‘Safe Haven’ इन्वेस्टमेंट कहा जाता है. इसके अलावा, अगर डॉलर कमजोर होता है, तो चांदी के दाम बढ़ जाते हैं.

भारत में शादियों और त्योहारों का सीजन

भारत में चांदी का धार्मिक और सामाजिक महत्व बहुत ज्यादा है. शादियों के सीजन और दीपावली जैसे त्योहारों पर चांदी के सिक्कों और गहनों की भारी मांग रहती है, जिससे स्थानीय बाजार में कीमतें ऊपर चली जाती हैं.

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केंद्रीय बैंकों और निवेशकों का रुझान

बड़े-बड़े निवेशक और दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए चांदी खरीद रहे हैं. जब बड़े स्तर पर खरीदारी होती है, तो बाजार में चांदी की कमी हो जाती है और रेट बढ़ जाते हैं.

क्या आपको अभी चांदी खरीदनी चाहिए?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में चांदी की औद्योगिक मांग और बढ़ेगी. अगर आप लंबी अवधि (Long Term) के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो चांदी एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है. हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहता है, इसलिए निवेश से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.

संक्षेप में कहें तो चांदी की बढ़ती कीमतों के पीछे कम सप्लाई और बढ़ती हुई औद्योगिक मांग सबसे बड़े कारण हैं. भारत में रुपये की स्थिति और वैश्विक तनाव भी इसमें आग में घी डालने का काम करते हैं.

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