MP News: रीवा के विकास को नई उड़ान, भौगोलिक दायरा बढ़ाने की अधिसूचना जारी, निवेश क्षेत्र में दर्जनों गांव शामिल
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MP News: मध्य प्रदेश के रीवा शहर का भौगोलिक दायरा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी की है. इससे नए क्षेत्रों का विकास तो होगा ही साथ ही अवैध कॉलोनियों पर अंकुश भी लगेगा. शहर में रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे.
निवेश क्षेत्र में दर्जनों गांव शामिल
राज्य सरकार ने शहर के दीर्घकालीन विकास के लिए सीमाएं बढ़ाईं हैं. ग्राम निवेश विभाग की अधिसूचना के मुताबिक रीवा के आसपास के गांवों और क्षेत्रों को शामिल किया गया. शहर की बढ़ती आबादी और अनियोजित निर्माण को देखते हुए ये फैसला लिया गया है. मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है. यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है.
‘रीवा निवेश क्षेत्र’ की सीमाओं में महत्वपूर्ण विस्तार
राज्य सरकार ने रीवा शहर के दीर्घकालीन विकास और नियंत्रित शहरी विस्तार को ध्यान में रखते हुए ‘रीवा निवेश क्षेत्र’ की सीमाओं में महत्वपूर्ण विस्तार किया है. नगर एवं ग्राम निवेश विभाग द्वारा जारी संशोधित अधिसूचना के अनुसार अब रीवा निवेश क्षेत्र का भौगोलिक दायरा पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है, जिसमें आसपास के अनेक गांवों और क्षेत्रों को शामिल किया गया है.
50 सालों में तेजी से बदला स्वरूप
शहर की बढ़ती आबादी, आवासीय जरूरतों और भविष्य की औद्योगिक संभावनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. अधिसूचना के अनुसार, यह कार्रवाई मध्यप्रदेश नगर और ग्राम निवेश अधिनियम के तहत की गई है. उल्लेखनीय है कि रीवा निवेश क्षेत्र का गठन पहली बार 20 अप्रैल 1974 को किया गया था. बीते लगभग 50 वर्षों में रीवा शहर का स्वरूप तेजी से बदला है. शहर के बाहरी इलाकों में अनियोजित निर्माण, अवैध कॉलोनियों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव जैसी समस्याएं सामने आ रही थीं. इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए शासन ने निवेश क्षेत्र की सीमाओं का पुनरीक्षण करते हुए इसे विस्तारित करने का निर्णय लिया है. यह आदेश मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से अवर सचिव सप्रिया पेंडके द्वारा जारी किया गया है. कुल मिलाकर, रीवा निवेश क्षेत्र का यह विस्तार शहर को व्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक शहरी स्वरूप देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
ये रहेगा नया क्षेत्र
उत्तर दिशा: पैपखरा, लपटा, बहुरीबांध, खमरिया, सहिजना, टिकुरी, सगरा, पहड़िया से रायपुर की पूर्वी सीमा तक.
पूर्व दिशा: रायपुर, भलुहा, रामनई, चौडियार, महसाव, रीठी और उमरी को शामिल करते हुए लक्ष्मणपुर की दक्षिणी सीमा तक.
दक्षिण दिशा: लक्ष्मणपुर, खैर भटलों, पडोखर, अमरीठी, डोमा और देवरा से लेकर खौरा की पश्चिमी सीमा तक का क्षेत्र.
पश्चिम दिशा: खौरा, रघुनाथपुर, चोरहटी, उमरी, दुबहाई, महिडल, कपुरी, करहिया, तिघरा और जुडमनिया गांव.
600 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र होगा तैयार
पिछले साल रीवा में हुई रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव के उत्साहजनक परिणाम आने के बाद राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए क्षेत्र बढ़ाने का फैसला लिया था. इस कॉन्क्लेव में 31 हजार करोड़ के निवेश की घोषणाएं हुई थीं. इसके लिए जमीनों की तलाश चल रही थी. एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक यूके तिवारी का कहना है कि उद्योगों की स्थापना के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है. त्यौंथर में 400 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र बनाया जा रहा है. एमपीआईडीसी की एक लैंडबैंक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में रीवा में 200 हेक्टेयर औद्योगिक भूमि आरक्षित है. इस तरह से नया निवेश क्षेत्र मिलाकर लगभग 600 हेक्टेयर से अधिक में तैयार हो जाएगा.
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