ऑफिस में अय्याशी कर रहे थे DGP, वायरल वीडियो पर कर्नाटक सरकार ने किया निलंबित
डीजीपी रामचंद्र राव को कर्नाटक सरकार ने किया निलंबित
Karnataka DGP: कर्नाटक में सीनियर आईपीएस (IPS) अधिकारी और नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय के महानिदेशक डॉ. के. रामचंद्र राव का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया, जिसके बाद कर्नाटक सरकार ने कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. वायरल वीडियो में IPS अधिकारी को एक महिला के साथ ऑफिस के अंदर आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया था.
डीजीपी को निलंबित करने का आदेश कर्नाटक सरकार के कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग (DPAR) ने जारी किया है. जिसमें कहा गया कि मीडिया प्लेटफार्मों और सार्वजनिक समाचार चैनलों पर एक वीडियो प्रसारित हो रहा है. जिसमें अधिकारी का व्यवहार ‘अश्लील और एक सरकारी सेवक के लिए अशोभनीय’ है. वीडियो में देखा गया है कि डॉ. के. रामचंद्र राव (केएन-1993), पुलिस महानिदेशक, नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय ने अभद्र व्यवहार किया है, जो सरकार के लिए शर्मिंदगी का कारण भी है.
Karnataka viral video row: K Ramachandra Rao, Director General of Police, Directorate of Civil Rights Enforcement, suspended. pic.twitter.com/3sxVU41qax
— Press Trust of India (@PTI_News) January 20, 2026
सरकार ने जांच लंबित रहने तक किया निलंबित
- राज्य सरकार ने मामले की जांच की, जिसमें पाया कि अधिकारी का आचरण अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 के नियम 3 का उल्लंघन है.
- राज्य सरकार प्रथम दृष्टया संतुष्ट है कि जांच लंबित रहने तक डॉ. के. रामचंद्र राव, पुलिस महानिदेशक, नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करना जरूरी है. जांच के बाद यह आदेश जारी किया गया है.
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निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा
डीजीपी निलंबन डॉ. के. रामचंद्र राव को जांच की अवधि के दौरान, अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के नियम 4 के अनुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा. हालांकि इस दौरान अधिकारी राज्य सरकार की लिखित अनुमति के बिना किसी भी परिस्थिति में मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे.
वीडियो को फर्जी बताया
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और गृह विभाग ने साफ स्पष्ट किया है कि कोई भी अधिकारी कानून से ऊपर नहीं है. अगर कोई कानून के खिलाफ कार्य करेगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, डीजीपी रामचंद्र राव ने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. डीजीपी ने वीडियो को फर्जी बताया और कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. इसके लिए वे कानूनी सलाह लेंगे.