बारामती प्लेन हादसे से पहले पायलट शांभवी का आखिरी मैसेज, दादी ने कहा – ‘चीनी’ कभी ऐसा नहीं करती थी
शांभवी पाठक ने आखिरी मैसेज दादी को किया था
Ajit Pawar Plane Crash: बारामती में बुधवार (28 जनवरी) को एक भीषण विमान हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार (Ajit Pawar) समेत 5 लोगों की मौत हो गई. इस प्लेन की को-पायलट शांभवी पाठक (Shambhavi Pathak) मध्य प्रदेश के ग्वालियर से ताल्लुक रखती थीं, उनकी मौत भी इसी प्लेन क्रैश हो गई. शांभवी की दादी ग्वालियर के बसंत विहार इलाके में रहती हैं. उन्होंने बताया कि विमान दुर्घटना से पहले शांभवी ने उन्हें मैसेज किया था.
ग्वालियर में अकेले रहती हैं शांभवी की दादी
को-पायलट शांभवी पाठक का जन्म ग्वालियर में हुआ था. उनका बचपन यही बीता. दादी मीरा पाठक ने बताया कि शांभवी का जन्म मुरार (ग्वालियर) में हुआ था. उसने 7वीं-8वीं तक यहीं पढ़ाई की. इसके बाद वह अपने माता-पिता के साथ दिल्ली चली गई, जहां उसने आगे की पढ़ाई की. उसने इंजीनियरिंग की डिग्री. उन्होंने बताया कि यहां अब कोई नहीं रहता है, उसके माता-पिता दिल्ली में रहते हैं.
शांभवी ने दादी को क्या मैसेज किया था?
विमान की को-पायलट शांभवी ने बुधवार सुबह 6.34 बजे दादी को मैसेज किया था. सोशल मीडिया व्हाट्सएप पर शांभवी ने दादी को मैसेज करते हुए लिखा हाय, दद्दा…गुड मॉर्निंग. इसके साथ ही इमोजी भी उन्होंने भेजा. इसका रिप्लाई करते हुए दादी मीरा पाठक ने लिखा गुड मॉर्निंग ‘चीनी’. शांभवी पाठक को प्यार से दादी ‘चीनी’ कहती थीं.
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‘वो कभी ऐसा नहीं करती थी’
शांभवी के मैसेज के बारे में दादी मीरा पाठक ने कहा कि पता नहीं कैसे? उसे कोई इंट्यूशन हो रही होगी. मुझे नहीं पता उसने कैसे मुझे गुड मॉर्निंग कहा. उन्होंने आगे कहा कि वो कभी ऐसा नहीं करती थी. मैसेज मिलने के बाद करीब सुबह 8.46 बजे उन्हें पता चला कि बारामती में प्लेन क्रैश हो गया है, उसमें शांभवी थी. इसके बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल है.