भारत-EU FTA ने कैसे बदला ट्रंप का गेम? 50 से टैरिफ घटाकर 18% करने की इनसाइड स्टोरी

India US Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यों 50 से टैरिफ घटाकर 18% करने की घोषणा की. यहां पढ़ें इनसाइड स्टोरी.
US-India Trade Deal trump and Modi

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

India US Trade Deal: भारत पर लगातार अमेरिकी टैरिफ बढ़ाने की धमकी देने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अपने भारी-भरकम टैरिफ को घटाने की घोषणा कर दी है. यानी अब भारत पर लगने वाले 50% टैरिफ घटकर मात्र 18% रह जाएगी. इसकी जानकारी खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल ट्रूथ के माध्यम से दी है. अब सबके मन में एक ही सवाल है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि अमेरिकी टैरिफ की धमकी देने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को घटाने का फैसला किया. यहां विस्तार से समझते हैं.

ट्रंप ने क्यों कम किया टैरिफ?

अमेरिकी टैरिफ कम करने के ऐलान के बाद सबके मन में एक ही सवाल पैदा हो रहा है कि आखिर इसके पीछे ट्रंप की क्या चाल है. उन्होंने ऐसा क्यों किया. बता दें, ट्रंप के इस अचानक ऐलान के पीछे कई रणनीतिक और आर्थिक कारण हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद को ‘ग्लोबल डीलमेकर’ के तौर पर पेश करना चाहते हैं. भारत ऐसा देश है, जिसकी काफी तेजी अर्थव्यवस्था बढ़ रही है. इसलिए उनके लिए यह ट्रेड राजनीतिक और आर्थिक दोनों लिहाज से फायदेमंद है.

India-EU डील का भी असर

इसके अलावा टैरिफ कम करने की दूसरी सबसे बड़ी यह वजह है कि भारत ने यूरोपीय यूनियन (EU) के साथ एक बड़ा ट्रेड एग्रीमेंट कर दुनिया को चौंका दिया था. इस डील में 96 प्रतिशत से ज्यादा उत्पादों पर टैरिफ घटाने या खत्म करने की बात तय हुई है. एक्सपर्टों का मानना है कि डील के बाद इसका दबाव अमेरिका पर भी पड़ा है. शायद यही वजह रही कि ट्रंप ने अपने फैसले को बदलने का विचार किया और भारत पर लगी अमेरिकी टैरिफ को कम करने की घोषणा कर दी.

ईयू डील के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका भी भारत के साथ व्यापारिक डील करता है यानी अपने टैरिफ को कम करता है तो दोनों देशों का व्यापार में काफी फायदा होगा. टैरिफ कम करने की घोषणा के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भारत को EU को दी गई रियायतों के बराबर अमेरिका अवसर दे सकता है. हालांकि, ट्रंप अब आगे क्या करते हैं. इसको लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा है कि हम टैरिफ को जीरो कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने इसके लिए शर्तें भी रखी हैं.

India-EU डील के बाद अमेरिका ने लिया फैसला

भारत-ईयू डील के बाद जब अमेरिका ने भी टैरिफ कम करने की घोषणा कर दी, तो ट्रेड एनालिस्ट जैक्स शोर ने कहा कि मेरा मानना है कि अमेरिका को India-EU ट्रेड डील के बाद खुद पीछे छूट जाने का डर महसूस हुआ होगा, जिसकी वजह से अमेरिका को टैरिफ कम करने के लिए मजबूर होना पड़ा. उन्होंने कहा कि भारत-ईयू की डील का दायरा बहुत बड़ा है, जो 2 अरब लोगों के लिए बाजार बनाता है. यह नजरअंदाज करना अमेरिका के लिए काफी मुश्किल रहा होगा. शायद इसी वजह से बिना किसी देरी के ट्रंप ने इस डील का ऐलान कर दिया. इसके अलावा ट्रंप ने भारत और यूरोप दोनों देशों से टकराव न हो, इसके लिए उन्होंने बात बढ़ाई और खुद ही डील का ऐलान कर दिया.

ये भी पढ़ेंः रूस से तेल खरीदना बंद करेगा भारत? अमेरिकी सामानों पर जीरो टैरिफ का भी दावा, क्या है हकीकत

रूस से तेल खरीदी भी एक वजह

इस डील को रूस-यूक्रेन युद्ध से भी जोड़ कर देखा जा रहा है. ट्रंप का दावा है कि भारत अगर रूसी तेल खरीदना बंद करता है और अमेरिकी तेल या वेनेजुएला से लेता है, तो इससे युद्ध खत्म करने में मदद मिलेगी. शायद यह भी वजह कि ट्रंप ने टैरिफ को कम किया है. फिलहाल, ट्रंप का यह दावा एकतरफा है क्योंकि अभी तक भारत की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.

अमेरिकी टैरिफ कम करने की घोषणा के बाद पीएम मोदी ने ट्रंप से बात करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ट्रंप को धन्यवाद दिया. लेकिन उन्होंने ट्रंप के किसी भी दावे का समर्थन नहीं किया. बल्कि पीएम मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’ पर बात की.

ज़रूर पढ़ें