Chhindwara News: छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड में बड़ा अपडेट, हाई कोर्ट ने आरोपियों की जमानत पर फैसला रखा सुरक्षित

Chhindwara News: दरअसल, छिंदवाड़ा जिले के परासिया निवासी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को परासिया थाना पुलिस ने 5 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था. आरोप है कि डॉ. सोनी द्वारा लिखे गए नुस्खे पर दिए गए जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से जिले में 30 बच्चों की मौत हो गई थी.
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छिंदवाड़ा कॉफ सिरप केस

Chhindwara News: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की परासिया इलाके में बच्चों को जहरीला कफ सिरप देने वाले डॉक्टर और उसके सहयोगियों की जमानत याचिका पर हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. छिंदवाड़ा जिले के बहुचर्चित जहरीले कफ सिरप कांड में गिरफ्तार चारों आरोपियों की जमानत अर्जियों पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में 14वीं पेशी के दौरान सुनवाई पूरी हो गई. न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने आरोपियों, राज्य सरकार एवं आपत्तिकर्ताओं की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद जमानत पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है. अब सभी की निगाहें हाई कोर्ट के आने वाले आदेश पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि मामले के आरोपियों को जमानत मिलेगी या फिर वे जेल में ही रहेंगे.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, छिंदवाड़ा जिले के परासिया निवासी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को परासिया थाना पुलिस ने 5 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था. आरोप है कि डॉ. सोनी द्वारा लिखे गए नुस्खे पर दिए गए जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से जिले में 30 बच्चों की मौत हो गई थी. इस मामले में 8 अक्टूबर 2025 को परासिया की एडीजे अदालत द्वारा जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. पुलिस जांच में डॉ. सोनी की पत्नी ज्योति सोनी, उनके भतीजे राजेश सोनी और मेडिकल स्टोर में कार्यरत फार्मासिस्ट सौरभ कुमार जैन को भी आरोपी बनाया गया है.

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डॉ. प्रवीण सोनी ने हाई कोर्ट में क्या तर्क दिया?

पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जहां जमानत का विरोध किया गया, वहीं आपत्तिकर्ताओं ने भी डॉक्टर और उसके सहयोगियों को जमानत देने पर आपत्ति उठाई है. डॉक्टर प्रवीण सोनी और उसकी पत्नी की ओर से हाई कोर्ट में तर्क दिया गया कि वह पिछले कई सालों से परासिया में बच्चों का इलाज करते आ रहे हैं. कफ सिरप प्रिसक्राइब जरूर उन्होंने किया था, लेकिन कफ सिरप में मिलावट कंपनी के द्वारा की गई थी, लिहाज उन्हें जमानत का लाभ दिया जाए.

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