Mangal Gochar 2026: सावधान! कुंभ राशि में बनने जा रहा है पंचग्रही योग, इन राशियों के जीवन में आने वाला है बड़ा तूफान

Mangal Gochar 2026: ज्योतिष के अनुसार, मंगल ग्रह ऊर्जा, जमीन-जायदाद और बड़े फैसलों को नियंत्रित करता है. इस गोचर की सबसे खास बात यह है कि कुंभ राशि में पहले से मौजूद राहु, शुक्र और सूर्य के साथ मंगल के मिलने से पांच ग्रहों का एक महासंयोग बनेगा.
Mangal Gochar 2026

मंगल गोचर 2026

Mangal Gochar 2026: आने वाले 23 फरवरी 2026 को साहस के प्रतीक मंगल ग्रह कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिष के अनुसार, मंगल ग्रह ऊर्जा, जमीन-जायदाद और बड़े फैसलों को नियंत्रित करता है. इस गोचर की सबसे खास बात यह है कि कुंभ राशि में पहले से मौजूद राहु, शुक्र और सूर्य के साथ मंगल के मिलने से पांच ग्रहों का एक महासंयोग बनेगा. यह बदलाव कुछ लोगों के लिए तरक्की और आत्मविश्वास के नए रास्ते खोलेगा, तो कुछ के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. इस दौरान जहां कई लोगों को जमीन और वाहन के सुख मिलेंगे. वहीं दूसरों को धैर्य से काम लेना होगा. ग्रहों की यह भारी भीड़ हर किसी के जीवन में हलचल पैदा करेगी, जिससे आपको बड़े अवसर और कुछ उतार-चढ़ाव दोनों देखने को मिल सकते हैं.

मेष राशि

  • मंगल के इस राशि परिवर्तन से आपके अंदर जोश बढ़ेगा और आप करियर में कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं, जिससे आपको नई जिम्मेदारियां और दोस्तों की मदद से फायदा मिल सकता है.
  • आपको तरक्की के मौके तो मिलेंगे, लेकिन गुस्से में आकर जल्दबाजी करने से बचें और पैसों का निवेश करते समय पूरी सावधानी रखें.

वृषभ राशि

  • यह गोचर आपके काम और मान-सम्मान पर बड़ा असर डालेगा, जहां मेहनत बढ़ेगी लेकिन उसका मीठा फल भी आपको जरूर मिलेगा.
  • करियर में तरक्की के लिए अपने बड़े अधिकारियों से बहस करने से बचें और घर-परिवार व काम के बीच तालमेल बनाकर रखें.

धनु राशि

  • मंगल के प्रभाव से आपकी बातों में दम रहेगा, बस वाणी पर संयम रखें ताकि रिश्ते न बिगड़ें.
  • यात्राओं के अवसर मिलेंगे और भाई-बहनों से जुड़ी हलचल बढ़ सकती है.

मंगल ग्रह को मजबूत कैसे करें?

  • ज्योतिष शास्त्र में मंगल को अग्नि का प्रतीक माना जाता है, जो ऊर्जा और जोश का कारक है.
  • यह आपकी इच्छाशक्ति, मानसिक मजबूती और आगे बढ़कर नेतृत्व करने की क्षमता को दर्शाता है.
  • जिस व्यक्ति की कुंडली में मंगल मजबूत होता है, वह निडर, स्वाभिमानी और तुरंत फैसले लेने वाला होता है.
  • वहीं मंगल कमजोर होने पर व्यक्ति अधिक क्रोधी हो जाता है और जल्दबाजी में गलत निर्णय लेने लगता है.
  • यदि मंगल कुंडली के 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में हो, तो इसे ‘मांगलिक दोष’ की स्थिति कहते हैं, जिससे विवाह में देरी या आपसी अनबन हो सकती है.

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इस दिन क्या करना चाहिए?

  • मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर-चमेली का तेल अर्पित करें. “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” मंत्र की एक माला जपें और लाल वस्त्र, मसूर या गुड़ जैसी वस्तुओं का दान करें.
  • मंगल के शुभ प्रभाव के लिए अपने गुस्से पर काबू रखें, शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के लिए व्यायाम करें और जरूरतमंदों को भोजन कराकर उनकी मदद करें.

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