कौन है मामूनुल हक? जो बांग्लादेश चुनाव में अपनी सीट भी नहीं बचा सका, भारत के खिलाफ उगलता रहा है जहर

Bangladesh Election: मामूनुल हक ढ़ाका 13 सीट से बांग्लादेश खिलाफत मजलिस की पार्टी से चुनाव लड़ा था. लेकिन इस चुनाव में उसे करारी हार मिली. ढ़ाका 13 सीट से बीएनपी के बॉबी हजाज ने बाजी मार ली.
Mamunul Haq

मामूनुल हक

Bangladesh Election: भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले और उल्टी-सीधी बयानबाजी करने वाले बांग्लादेशी नेता मामूनुल हक को जनता ने जोर का झटका दिया है. बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय संसद चुनाव में मामूनुल हक अपनी ही सीट नहीं बचा पाया. मामूनुल हक कई बार दंगा भड़काने के मामले में जेल जा चुका है. साल 2021 में यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे का विरोध किया था. इस दौरान भी हालात हिंसक हो गए थे, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी. इस मामले में मामूनुल कई सालों तक जेल में रहा.

मामूनुल हक ढ़ाका 13 सीट से बांग्लादेश खिलाफत मजलिस की पार्टी से चुनाव लड़ा था. लेकिन इस चुनाव में उसे करारी हार मिली. ढ़ाका 13 सीट से बीएनपी के बॉबी हजाज ने बाजी मार ली. बांग्लादेश की जनता ने मामूनुल को हराकर बता दिया है कि दंगाइयों के लिए कहीं जगह नहीं है. उन्हें सत्ता से दूर ही रहना चाहिए.

कट्टरपंथी सोच रखता है मामूनुल हक

मामूनल हक हमेशा भारत विरोधी बातें करता था. वह कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम से काफी लंबे समय से जुड़कर काम कर रहा है. यह संगठन इस्लामी सोच का समर्थन करता है. कई बार तो संविधान को बदलने और समाज में बदलाव के खिलाफ आवाज उठाता रहा है. मदरसों में इस्लामिक व्यवस्था की बात कर चुका है. मामूनुल हक अपनी इसी सोच और कट्टरपंथी भड़काऊ भाषण की वजह से सुर्खियों पर रहता है.

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2021 में पीएम मोदी का किया था विरोध

साल 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश की आजादी के वर्षगांठ पर बांग्लादेश गए थे. इस दौरान कट्टरपंथी सोच वाला हिफाजत-ए-इस्लाम संगठन ने खूब विरोध किया. हालात इतने खराब हो गए कि इसी बीच झड़प हो गई, जिसमें कई लोगों की मौत भी हो गई. हालांकि बांग्लादेशी पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मामूनुल हक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. उस दौरान बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार थी, लेकिन बाद में शेख हसीना के पद छोड़ने और देश से बाहर जाने के बाद जो अंतरिम सरकार बनी, उसने जेल से रिहा कर दिया.

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