Ujjain: पंचमुखौटे के दिव्य श्रृंगार में बाबा महाकाल के दर्शन, दूज पर मिलेगा महाशिवरात्रि समान पुण्य
पंचमुखौटे में बाबा महाकाल
Ujjain News: उज्जैन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में आज बाबा महाकाल का अत्यंत दुर्लभ और दिव्य पंचमुखौटे का श्रृंगार किया गया. यह वही विशेष श्रृंगार है, जो प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के बाद आने वाली दूज तिथि पर किया जाता है. मान्यता है कि शिव नवरात्रि के दौरान बाबा महाकाल जिन पंचमुखौटों में भक्तों को दर्शन देते हैं, वही पंचमुखौटे आज धारण कर बाबा ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया.
पंचमुखौटे के दर्शन से मिलता है महाशिवरात्रि के समान पुण्य
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो श्रद्धालु किसी कारणवश महाशिवरात्रि के दिन बाबा महाकाल के दर्शन नहीं कर पाते हैं, यदि वे इस दूज के दिन पंचमुखौटे के श्रृंगार में दर्शन कर लेते हैं, तो उन्हें महाशिवरात्रि के समान ही पुण्य फल प्राप्त होता है. इस अवसर पर पंडित दिनेश गुरु ने बताया कि महाशिवरात्रि के अंतर्गत नौ दिनों तक भगवान महाकालेश्वर के विभिन्न दिव्य श्रृंगार किए जाते हैं. इन श्रृंगारों में शिव तांडव, उमा-महेश्वर और होलकर का मुकुट प्रमुख रूप से शामिल रहते हैं. ये सभी श्रृंगार अलग-अलग दिनों में भक्तों को दर्शन देते हैं.
बाबा महाकाल को शिव पंचायतन के स्वरूप में किया जाता है स्थापित
महाशिवरात्रि के पश्चात आने वाली इस दूज तिथि पर भगवान महाकालेश्वर को शिव पंचायतन स्वरूप में स्थापित किया जाता है. इसे शिव पंचायतन दर्शन भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान का स्मरण और दर्शन करने मात्र से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं. इस अलौकिक रूप को देखकर शिव भक्त अभिभूत हो रहे हैं और बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन कर रहे हैं.
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