MP News: 1 मई से मध्य प्रदेश में जनगणना का पहला चरण शुरू, डिजिटल रहेगी पूरी प्रक्रिया

MP News: मध्य प्रदेश में 1 मई से जनगणना के पहले चरण की शुरुआत होने जा रही है. इस चरण में एक माह तक मकानों और परिवारों से जुड़ी कुल 33 बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की जाएगी.
The Collector's office is located in Bhopal.

कलेक्‍टर कार्यालय भोपाल में बैठक

MP News: मध्य प्रदेश में 1 मई से जनगणना के पहले चरण की शुरुआत होने जा रही है. इस चरण में एक माह तक मकानों और परिवारों से जुड़ी कुल 33 बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की जाएगी. गुरुवार को कलेक्टोरेट में अधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया को लेकर प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि किस तरह चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा और किस प्रकार सूचनाएं संकलित की जाएंगी. ये प्रशिक्षित अधिकारी आगे अधीनस्थ कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे, ताकि जमीनी स्तर पर कार्य सुचारु रूप से हो सके.

जनगणना को डिजिटल माध्‍यम से किया जाएगा संपन्न

बैठक में जनगणना-2027 को पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न करने के प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई. प्रशिक्षण सत्र में एडीएम प्रकाश नायक, पीसी शाक्य, जिला जनगणना अधिकारी भुवन गुप्ता सहित सभी एसडीएम, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, समिति सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे. जनगणना कार्य निदेशालय के संयुक्त निदेशक नमित यादव और सहायक निदेशक ऐंजी रेजी ने मकान सूचीकरण से जुड़े पहले चरण की बारीकियां समझाईं. साथ ही सांख्यिकी अंवेषक एवं भोपाल जिला प्रभारी सुनीता पुष्कर और जिला नोडल अधिकारी सुरेंद्र रघुवंशी भी मौजूद रहे.

पहले चरण में दर्ज की जाएगी ये जानकारियां

जिला जनगणना अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी. 1 से 30 मई तक मकान सूचीकरण का कार्य चलेगा, जिसके लिए दो दिन का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया है. दूसरे चरण में अगले वर्ष जनसंख्या से संबंधित विस्तृत गणना की जाएगी.

पहले चरण में मकान संख्या, भवन की छत और दीवार की स्थिति, वर्तमान उपयोग, घर में रहने वाले लोगों की संख्या, परिवार प्रमुख का नाम और लिंग, पेयजल का मुख्य स्रोत, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी व्यवस्था, पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, रोशनी का प्रमुख साधन, रेडियो या ट्रांजिस्टर, टीवी, इंटरनेट सुविधा, टेलीफोन, साइकिल, स्कूटर या मोपेड, कार, जीप या वैन तथा मोबाइल नंबर सहित 33 प्रकार की जानकारियां दर्ज की जाएंगी.

स्‍वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना

जनगणना-2027 देश की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी. यह गांव, शहर और वार्ड स्तर तक के प्राथमिक आंकड़ों का सबसे बड़ा और विश्वसनीय स्रोत मानी जाती है. इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित की जाएगी. पहली बार नागरिकों को स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन का विकल्प भी दिया गया है. आंकड़े स्व-गणना पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से एकत्र किए जाएंगे. मकान सूचीकरण ब्लॉक का निर्माण एचएलबीसी वेब पोर्टल पर होगा, जबकि प्रबंधन और निगरानी की व्यवस्था सीएमएमएस वेब पोर्टल से की जाएगी.

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