‘क्या देखना है, दर्शकों को खुद तय करना चाहिए…’, मोहन भागवत का OTT कॉन्टेंट को लेकर बड़ा बयान
OTT कंटेंट पर क्या बोले मोहन भागवत?
Mohan Bhagwat On OTT content: राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत शनिवार को मेरठ में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सामग्री को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों समेत कई तरह के कंटेंट की भरमार है, लेकिन दर्शक को क्या देखना चाहिए, ये उन्हें खुद तय करना होगा. यहां जानें मोहन भागवत ने क्या कहा?
मोहन भागवत ने कहा, “आज के डिजिटल दौर में कंटेंट की कोई कमी नहीं है, लेकिन लोगों को इस डिजिटल दौर में क्या देखना है. यह व्यक्ति की समझ पर निर्भर करता है.” इस दौरान उन्होंने धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित पॉजिटिव कंटेंट की बात करते हुए कहा कि इन प्लेटफॉर्मों पर ऐसी चीजें काफी मात्रा में उपलब्ध हैं. यानी मोहन भागवत लोगों को फालतू की चीजों को देखने की बजाय धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर ध्यान आकर्षित कराना चाहते थे.
क्या देखना है, यह तय होना चाहिए…
जहां कई बार देश में ओटीटी जेसे प्लेटफॉर्म को बैन करने की मांग उठ चुकी है. उस दौरान मोहन भागवत ने सेंसरशिप की बजाय दर्शकों की पसंद और समझ को प्राथमिकता देते नजर आए. उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में कंटेंट की कोई कमी नहीं है. बस हमें देखना क्या है, यह तय करना होगा.
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सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता
पिछले साल अभिनेता एजाज खान और महाराष्ट्र भाजपा की एमएलसी चित्रा वाघ ने वेब सीरीज ‘हाउस अरेस्ट’ पर बैन लगाने की मांग की थी. इसके लिए सूचना प्रसारण मंत्रालय को भी पत्र लिखकर बैन करने की मांग करते हुए कहा कि ये कंटेंट अश्लीलता को बढ़ावा दे रहे हैं, जो बच्चों के विकास के लिए खतरा है. ओटीटी प्लेटफॉर्म के कंटेंट को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी संज्ञान में ले चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से ऐसे प्लेटफॉर्मों और कंटेंट पर कंट्रोल करने के उपायों पर जवाब भी मांगा था.