मेडिकल साइंस और AI का गजब का संगम! घुटनों की डबल सर्जरी के बाद 4 घंटे में ही चलने लगे 74 साल के बुजुर्ग
सांकेतिक तस्वीर.
Knee surgery with AI: आज के आधुनिक युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हर एक क्षेत्र में देखी जा रही है. एआई ने काफी हद तक लोगों का काम आसान बना दिया है. हालांकि एआई के सही इस्तेमाल को लेकर अभी भी कई सवाल हैं. इस बीच मेडिकल साइंस और एआई का गजब का संगम देखने को मिला है. एआई की मदद से एक 74 साल के बुजुर्ग की डबल नी-सर्जरी को सफलतापूर्वक किया गया. इसके साथ ही महज 4 घंटों में ही बुजुर्ग ने चलना शुरू कर दिया.
3 सालों से दर्द से परेशान थे बुजुर्ग
74 साल के बुजुर्ग ने बताया कि वे पिछले 3 सालों से घुटनों के दर्द से परेशान थे. जिसके कारण उन्हें काफी परशानी हो रही थी. चलने-फिरने के अलावा उन्हें हर दिन के काम करने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. लेकिन मेडिकल साइंस और एआई ने मिलकर महज 4 घंटों में ही बुजुर्ग की जिंदगी बदल दी.
AI-असिस्टेड नेविगेशन के जरिए हुई सर्जरी
बुजुर्ग पिछले 3 सालों से घुटनों की बीमारी से जूझ रहे थे. बताया जा रहा है कि वे कई बार इलाज करवा चुके थे, लेकिन इसके बावजूद उनके घुटनों का दर्द सही नहीं हुआ था. कई बार इलाज के बावजूद उनके घुटनों की स्थिति बिगड़ती जा रही थी. दिल्ली के सर्वोदय अस्पताल में दोनों घुटनों की सर्जरी को डॉ. अंचित उप्पल की टीम ने AI-असिस्टेड नेविगेशन के जरिए उनके दोनों घुटनों की सर्जरी करने का फैसला किया. जिसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया.
पारंपरिक सर्जरी से ज्यादा बेहतर है AI सर्जरी!
दिल्ली के सर्वोदय अस्पताल के डॉक्टर्स ने बताया कि घुटनों की सर्जरी में एडवांस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कई बड़े फायदे होते हैं. इसमें एआई की मदद से घुटने के जॉइंट्स की सटीक तरीके से अलाइनमेंट और इम्प्लांट की सही पोजिशनिंग संभव हो पाती है.
पारंपरिक घुटनों की सर्जरी के मुकाबले इस तकनीक से मरीज काफी जल्दी ठीक होते हैं. यहां तक कि 4 घंटों में बुजुर्ग चलने लगे. इसके अलावा इस तकनीक में घुटनों को भी नुकसान नहीं पहुंचता है.