एथेनॉल पेट्रोल पर आरोप लगाने वाले सौरभ जोशी ने लिया यू टर्न, चला गया पता क्यों गि‍रा माइलेज

Sourav Joshi Vlogs: सौरभ जोशी ने एथेनॉल फ्यूल को लेकर आरोप लगाए थे. हालांकि अब उन्‍होंने माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें अपनी गाड़ी के माइलेज कम होने की असली वजह पता चल गई है.
सौरभ जोशी और अवंतिका

सौरभ जोशी और अवंतिका

Sourav Joshi E20 Petrol Controversy: देशभर में इन दिनों एथेनॉल को लेकर बहस छिड़ी हुई है. ज्यादातर लोग एथेनॉल मिक्स फ्यूल का विरोध कर रहे हैं. यही वजह है कि इसकी चर्चा ज्यादा हो रही है. दूसरी तरफ केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इसको लेकर लगभग हर रोज सफाई दे रहे हैं. इन सब के बीच बीते द‍िनों ब्‍लॉगर सौरभ जोशी ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो में कहा था कि इस तरह के फ्यूल के कारण उनकी गाड़ी का माइलेज बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. हालांकि इस वीड‍ियो के दो दिन बाद ही सौरभ ने अब अपनी गलती के लिए माफी मांगी है.

सौरभ जोशी ने अपनी वीड‍ियो में दावा किया था कि E20 ब्‍लेडेड पेट्रोल की वजह से उनकी लाखों की गाड़ी का माइलेज गिर रहा है. यही वजह है कि उन्हें अब गाड़ी के खराब होने का डर सता रहा है. हालांकि उनका यह दावा कुछ ही घंटों में पूरी तरह से पलट गया.

सौरभ ने सोशल मीडिया पर मांगी माफी

हालांकि अब  सौरव जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बताया कि उनकी कार को Mercedes-Benz सर्विस सेंटर ले जाया गया, जहां उस कार की पूरी तरह से जांच की गई है. इस जांच में इंजन में खराबी मिली है. उन्होंने कहा कि इसी वजह से कार की माइलेज कम हो रही थी. अब उस कार को रिपेयर कराया जा रहा है.

सौरव ने अपने पोस्ट में लिखा कि “E20 पेट्रोल को लेकर हुई गलतफहमी के लिए वह माफी मांगते हैं. उनका मकसद किसी तरह की गलत जानकारी फैलाना या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था. उन्होंने यह भी बताया कि व्लॉग का वह हिस्सा हटा दिया गया है, जिसमें E20 पेट्रोल पर सवाल उठाए गए थे.

मर्सिडीज-बेंज इंडिया के CEO ने का भी आया था बयान सामने

सौरभ के आरोपों के बाद  मर्सिडीज-बेंज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO संतोष अय्यर ने भी सफाई दी है.  उन्होंने कहा कि कई ग्राहक इस मुद्दे को लेकर डीलरशिप से जानकारी ले रहे हैं. हालांकि उनका कहना है कि साल 2020 के बाद कंपनी के तहत बेची गई सभी गाड़ियां E20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के अनुकूल बनाई गई हैं. उन्होंने यह भी कहा कि समस्या इथेनॉल नहीं, बल्कि अगर कहीं ईंधन में अवैध मिलावट होती है, तो वह चिंता का विषय हो सकती है.

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