‘वापस बुला लो…,’ सुनते ही रो पड़ी पत्नी, ईरान जंग के बीच जहाज पर फंसा भारतीय युवक, मदद की लगाई गुहार

Prayagraj: प्रयागराज के रहने वाले सनी कुमार ने अपने घर पर फोन कर आपबीती सुनाई. इस दौरान सनी ने अपनी पत्नी से बातचीत की और कहा कि ईरान के हालात काफी खराब हो गए हैं और खाने-पीने का सामान भी खत्म होने लगा है. इस दौरान पत्नी रोने लगी.
merchant navy crew India

ईरान में फंसा प्रयागराज का युवक

Prayagraj: मिडिल ईस्ट में चल रहे जंग का असर आम लोगों पर अब साफ दिखाई देने लगा है. देशभर में कई चीजें महंगी हो गई हैं. इसी बीच एक भारतीय युवक के ईरान में फंसे होने की खबर सामने आई है. युवक ने अपनी पत्नी के जरिए मदद की गुहार लगाई है. युवक के बताए अनुसार, वर्तमान में ईरान में हालात काफी खराब हो गए हैं. खाने-पीने की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है. खबर सुनते ही पूरा परिवार काफी चिंतित हो गया है. परिवार ने भी सरकार से सुरक्षित वापस लाने की मांग की है.

दरअसल, प्रयागराज के सनी कुमार जो मर्चेंट नेवी में कार्यरत है. कुछ दिन पहले ही दुबई से ईरान जाने वाले जहाज में गए थे. लेकिन इसी बीच ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जंग शुरू हो गई. जंग की वजह से जहाज बीच रास्ते में ही खड़ा हो गया. चारों तरफ से ईरान में मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे हैं. जहाज भी ईरान की सीमा पर ही फंसा हुआ है. वर्तमान में उन्हें अब ना सिर्फ परिवार की चिंता, बल्कि खाने-पीने जैसी चीजों की भी कमी होने लगी है.

सनी का फोन आते ही रोने लगी पत्नी

जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले ही सनी कुमार ने अपने घर पर फोन कर अपनी आपबीती सुनाई. इस दौरान सनी ने अपनी पत्नी से बातचीत की और कहा कि ईरान के हालात काफी खराब हो गए हैं और खाने-पीने का सामान भी खत्म होने लगा है. यह सुनते ही सनी की पत्नी विनीता रोने लगी और पति के लिए दुआ करने लगी. सनी ने पत्नी से मदद की गुहार लगाई और कहा कि मुझे किसी तरह से वापस बुला लो, यहां बहुत परेशानी है.

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ढाई साल के बच्चे को लेकर मायके में पत्नी

सनी की पत्नी इन दिनों अपने ढाई साल के बच्चे को लेकर मायके में है. जैसे ही सूचना मिली. पूरा परिवार चिंतित हो गया. पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है. सनी कुमार करीब 10 महीने से छुट्टी पर नहीं आए हैं. घर लौटने का प्लान बना ही रहे थे कि अचानक से युद्ध छिड़ गया और वे फंस गए. फिलहाल, अब देखना यह होगा कि आखिर अब सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है. परिवार भी सरकार से उम्मीद लगाए बैठा है.

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