CGMSC घोटाला मामले में 4 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश, टेंडर प्रक्रिया में मिलीभगत का आरोप
cgmsc scam: 4 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश
CGMSC Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGMSC घोटाला मामले में 4 आरोपियों कौशल, राकेश जैन, प्रिंस जैन और कुंजल के खिलाफ कोर्ट में गुरुवार (16 अप्रैल 2026) को चालान पेश किया गया. जांच में सामने आया है फर्जी दस्तावेजों के जरिए निविदा हासिल की गई. टेंडर प्रक्रिया में मिलीभगत और कार्टलाइजेशन सामने आया है.
एक जैसे पैटर्न पाए गए
सामने आया है कि तीनों फर्मों के द्वारा टेंडर प्रक्रिया की गई, उनमें एक जैसे पैटर्न सामने आए हैं. एमआरपी से तीन गुना दाम पर दवा सप्लाई की गई. सरकारी राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया. इस बात का भी खुलासा हुआ कि डायलिसिस कंपनी और सप्लायरों की सांठ-गांठ रही है. अब तक 10 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया जा चुका है. 3611 पन्नों का चालान पेश किया जा चुका है.
टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली
जांच में ये तथ्य सामने आया है कि टेंडर प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करने के उद्देश्य से कुछ फर्मों द्वारा आपसी समन्वय और कार्टलाइजेशन किया गया. टेंडर में यही तीन फर्मे शॉर्टलिस्ट हुई थीं, जिनके वित्तीय दर खोले गए. तीनों पात्र फर्मों द्वारा भरे गए टेंडर में उत्पाद, पैक-साइज, रिएजेंट और कंज्यूमेबल्स का विवरण समान पैटर्न में भरा गया. जिन उत्पादों का नाम निविदा दस्तावेज में स्पष्ट रूप से अंकित नहीं था, उन्हें भी तीनों फर्मों द्वारा समान रूप से दर्शाया गया. दर भी समान पैटर्न में कोट किए गए, जिसमें सबसे कम दर मोक्षित द्वारा, उसके बाद RMS और श्री शारदा इंडस्ट्रीज द्वारा कोट की गई.
ये भी पढ़ें: CG News: लोन चुकाने के लिए बना तांत्रिक, पारिवारिक समस्या सुलझाने के नाम पर लाखों की ठगी, फर्जी बाबा गिरफ्तार
क्या है CGMSC घोटाला?
दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘हमर लैब’ योजना के अंतर्गत जिला अस्पतालों, FRU, CHC, प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क डायग्नोस्टिक जांच के लिए उपकरणों के टेंडर निकाले. अधिकारियों ने कारोबारियों के साथ मिलकर 550 करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम दिया. इसमें मोक्षित कार्पोरेशन, रिकॉर्ड एंड मेडिकेयर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड और श्री शारदा इंडस्ट्रीज का नाम सामने आया था.