UP में जल्द होगा योगी कैबिनेट का विस्तार, आधा दर्जन विधायकों को मंत्री बनाने का प्लान!
सीएम योगी और पीएम मोदी
Yogi Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. हालांकि इन चुनावों के लिए अभी कभी काफी समय है, लेकिन तमाम राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है. इस बीच योगी सरकार भी जल्द ही अपना मंत्रिमंडल विस्तार कर सकती है. बीजेपी संगठन में बदलाव को लेकर हलचल तेज हो गई है.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट विस्तार और प्रदेश बीजेपी की नई टीम के गठन पर अंतिम दौर में है. किसी भी समय अब इसका ऐलान किया जा सकता है. शनिवार को यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने संसद भवन स्थित पीएम ऑफिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिसमें उत्तर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और संगठनात्मक तैयारियों पर मंथन हुआ.
जल्द मिल सकती है मंत्रिमंडल विस्तार को हरी झंडी
योगी मंत्रिमंडल विस्तार को जल्द हरी झंडी मिल सकती है. इसी सिलसिले में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह पिछले दो दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं. गुरुवार देर रात बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और यूपी नेतृत्व के बीच लंबी बैठक भी हुई थी.
मंत्रिमंडल में कितने पद खाली?
फिलहाल योगी सरकार में कुल 54 मंत्री हैं, जबकि छह पद खाली पड़े हैं. ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं काफी मजबूत मानी जा रही हैं. इसके साथ ही प्रदेश बीजेपी की नई टीम का गठन और आयोग निगम व बोर्डों के खाली पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया भी जल्द शुरू हो सकती है.
हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने दो दिन के लखनऊ दौरे में वरिष्ठ नेताओं से बंद कमरे में बातचीत की थी. इस दौरान उन्होंने प्रदेश की राजनीतिक स्थिति, संगठन की मजबूती और सामाजिक समीकरणों पर फीडबैक लिया था.
मंत्रिमंडल विस्तार में किन बातों पर रहेगा फोकस
सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने पर खास जोर दिया जा रहा है. अवध क्षेत्र में पासी और कुर्मी वोटरों की नाराजगी, साथ ही ब्राह्मण वर्ग की नाराजगी जैसे मुद्दे पार्टी के सामने अहम माने जा रहे हैं. पार्टी नेतृत्व को सुझाव दिया गया है कि पिछड़ा वर्ग की राजनीति के साथ-साथ सवर्ण समाज को भी साधना जरूरी है. यही वजह है कि आने वाले दिनों में होने मंत्रिमंडल विस्तार में सामाजिक संतुलन भी देखने को मिल सकता है.
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