CG News: अंबिकापुर में स्वास्थ्य कर्मचारियों पर कार्रवाई में देरी, जांच पर उठे सवाल, CMHO बोले- प्राथमिक जांच में दोषी हैं कर्मचारी
नेटवर्किंग
CG News: सरगुजा जिले के लुंड्रा विकासखंड के स्वास्थ्य कर्मचारियों पर नेटवर्किंग कंपनी के लिए मार्केटिंग करने का मामला सामने आया था. निजी मार्केटिंग कंपनी का प्रचार-प्रसार करते हुए उनका वीडियो भी सामने आया था. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के जॉइंट डायरेक्टर डॉ. अनिल शुक्ला ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया था. उन्होंने जांच के लिए आदेश जारी किया था और 3 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं होने की वजह से स्वास्थ्य विभाग के उन अधिकारियों पर सवाल उठ रहे हैं, जिन्हें पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
जॉइंट डायरेक्टर ने CMHO से मांगा जवाब
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की मनमानी पर जॉइंट डायरेक्टर ने आदेश जारी कर CMHO से जवाब मांगा था और तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा था. हैरानी की बात यह है कि 10 दिन बीत जाने के बाद भी इस पूरे मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
नेटवर्किंग कंपनियों के लिए कर रहे थे प्रचार-प्रसार
बताया जाता है कि धौरपुर क्षेत्र में पदस्थ स्वयंबर सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह द्वारा नेटवर्किंग कंपनियों के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा था. लखनपुर के एक सिनेमाघर में दोनों द्वारा कंपनी का प्रचार किया गया, जहां बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और आम लोगों को बुलाया गया था. इतना ही नहीं, लोगों को जोड़ने के लिए एक टोकन भी जारी किया गया था, जिसमें दोनों की फोटो लगी हुई थी. कार्यक्रम के दौरान दोनों स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अलग-अलग कार्यक्रमों के फोटो और वीडियो का उपयोग भी किया गया था.
CMHO ने कराई मामले में जांच
दूसरी ओर, इस पूरे मामले को लेकर मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पी.एस. मार्को ने बताया कि उनके द्वारा इस मामले की जांच नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा और BMO के माध्यम से कराई गई. हालांकि, जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख नहीं किया गया है कि उनके द्वारा मार्केटिंग का कार्य किया जा रहा था. वहीं जांच के दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों ने गोलमोल जवाब दिए. उन्होंने यह भी कहा कि प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि कर्मचारियों द्वारा गलत कार्य किया जा रहा था और वे मार्केटिंग कंपनी के लिए काम कर रहे थे.
दोबार जांच कराई जाएगी
CMHO ने अतिरिक्त जानकारी देते हुए बताया कि संयुक्त संचालक द्वारा जारी जांच आदेश में दो अतिरिक्त बिंदुओं की भी जांच करनी थी, लेकिन वह अभी तक नहीं हो पाई है. ऐसे में अब दोबारा जांच कराई जाएगी. पूरे मामले से जुड़े वीडियो की फॉरेंसिक जांच FSL लैब से कराई जाएगी, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो में सुनाई दे रही आवाज वास्तव में स्वास्थ्य कर्मचारियों की ही है या नहीं. यही जांच आगे की कार्रवाई का आधार बनेगी. इसके बाद संबंधित कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी. बताया जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद दोनों को निलंबित करने के साथ-साथ इससे भी कठोर कार्रवाई की जा सकती है.