Chhattisgarh Census 2026: छत्तीसगढ़ में आज से जनगणना शुरू, घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक, पूछेंगे 33 सवाल
छत्तीसगढ़ में आज से जनगणना शुरू
Chhattisgarh Digital Census 2026: छत्तीसगढ़ में आज से स्व-गणना का काम पूरी तरह से बंद हो चुका है और अब 1 मई से प्रगणक प्रदेश के सभी घरों में जा-जाकर मकान और परिवार की गणना कर जानकारियां दर्ज करेंगे. जनगणना के दौरान प्रगणक अधिकारी कुल 33 सवाल पूछेंगे, जिनका जवाब देना अनिवार्य होगा. इन सवालों में मकान की स्थिति से लेकर परिवार की संपूर्ण जानकारी तक कुल 33 प्रश्न शामिल होंगे. बता दें कि नागरिकों द्वारा दी गई जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जाएंगी, बल्कि इन सभी जवाबों को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा.
पहली बार हो रही डिजिटल जनगणना
जनगणना निदेशालय ने प्रदेश के समस्त नागरिकों से अपील की है कि सभी लोग पूछे गए सवालों का सही जवाब दें, ताकि सही तरीके से जानकारियां दर्ज की जा सकें और भारत के विकास का एक मजबूत रोडमैप तैयार हो सके. बता दें कि सरकार पहली बार इस साल मकान और परिवार की डिजिटल गणना कराने जा रही है. इसके लिए प्रदेश में सरकार ने 62 हजार से अधिक सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है. पूरे प्रदेश में जनगणना का काम एक महीने के भीतर यानी 30 मई तक पूरा करना होगा.
जानकारी सीधे केंद्रीय सर्वर तक पहुंचेगा
छत्तीसगढ़ सरकार ने इस बार पूरे प्रदेश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराने की योजना बनाई है. गणना के दौरान प्रगणकों को मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए जानकारी दर्ज करनी होगी. डिजिटल जनगणना के अंतर्गत जैसे ही प्रगणक डेटा एंट्री करेंगे, वैसे ही आंकड़े सीधे केंद्रीय सर्वर पर अपने आप अपलोड हो जाएंगे. सरकार का कहना है कि डिजिटल जनगणना से डेटा प्रोसेसिंग में तेजी आएगी और गलती होने की संभावना भी कम होगी. इसके अलावा, डिजिटल जनगणना के माध्यम से सभी कार्यों की निगरानी करना भी आसान होगा.
कर्मचारियों को पहचान पत्र दिए जाएंगे
जनगणना को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सभी कर्मचारियों को फोटो वाले पहचान पत्र (ID Card) दिए जाएंगे. लोगों से यह अपील की गई है कि वे केवल उन्हीं कर्मचारियों को जानकारी दें जिनके पास आधिकारिक आईडी कार्ड हो. शहर की बंद कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स के लिए खास तैयारी की गई है ताकि जनगणना करने वालों को अंदर जाने में कोई परेशानी न हो और हर परिवार की गिनती सही तरीके से पूरी हो सके.
QR Code स्कैन करने से बचें
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क या अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा. अगर कोई प्रगणक या अन्य व्यक्ति जनगणना के नाम पर क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन करने को कहता है या पैसे मांगता है, तो उसे स्कैन न करें. इसके अलावा, किसी भी प्रकार की संदिग्ध फाइल को भी अपने मोबाइल में डाउनलोड न करें. सोशल मीडिया पर फैलने वाली फेक न्यूज और अफवाहों पर सरकार कड़ी नजर रखेगी. यदि जनगणना के दौरान किसी भी तरह की समस्या होती है, तो नागरिकों की सहायता के लिए सरकार द्वारा टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया गया है.