केरल में लालू यादव का जलवा! RJD प्रत्‍याशी PK परवीन ने जीता चुनाव, बुरा हुआ बीजेपी का हाल

RJD candidate PK Parveen victory: केरलम के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस जीत की तरफ बढ़ रही है, तो वहीं लालू यादव की पार्टी आरजेडी ने भी अपना खाता यहां खोल लिया है. आरजेडी प्रत्‍याशी ने मुस्‍ल‍िम लीग के प्रत्‍याशी को 1200 वोटों से चुनाव हरा दिया है.
केरलम में लालू का जलवा

केरलम में लालू का जलवा

Lalu Yadav Factor Drives RJD Win: केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे सामने आने लगे हैं. इस बार का मुकाबला भले ही मुकाबला स्थानीय दलों के बीच दिख रहा हो, लेकिन बिहार की राजनीति से जुड़ी लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भी केरलम में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. खासकर कन्नूर जिले की कुथुपरम्बा सीट पर RJD ने अपना दांव खेलकर सियासी दिलचस्पी बढ़ा दी थी.

लालू यादव की पार्टी RJD भले ही बिहार-केंद्रित पार्टी मानी जाती हो, लेकिन केरल में यह वाम गठबंधन (LDF) का हिस्सा बनकर चुनाव लड़ती है. 2026 चुनाव में पार्टी ने सीमित सीटों पर उम्मीदवार उतारे, जिनमें कुथुपरम्बा सीट सबसे अहम मानी जा रही है. इससे पहले भी यह सीट RJD के लिए मजबूत मानी जाती रही है,  यही वजह है कि इस सीट पर आरजेडी प्रत्याशी पी के प्रवीण ने चुनाव जीत लिया है.

आरजेडी प्रत्याशी पीके परवीन ने 1286 वोटों से चुनाव जीता है, दूसरे नंबर पर मुस्लिम लीग रही तो वहीं बीजेपी यहां तीसरे नंबर पर आई है. यही वजह है कि माना जा रहा है कि बीजेपी का इस सीट पर बुरा हाल हुआ है.

कौन हैं RJD से जीते उम्मीदवार पी.के. प्रवीण

इस सीट से RJD ने 56 साल के पी के प्रवीण को मैदान में उतारा था. उनकी पहचान प्रदेश में एक एक्‍टि‍वा नेता के तौर पर की जाती है. इसके साथ ही संगठन में भी उनकी अच्छी पकड़ है.  खास बात यह है कि उनके हलफनामे के अनुसार अब तक उन पर एक भी केस नहीं है, पढ़ाई लिखाई की बात की जाए तो वह पोस्ट ग्रेजुएट हैं.  

लालू यादव की पार्टी केरल में भले छोटी खिलाड़ी हो, लेकिन LDF के साथ गठबंधन में रहकर वह अपनी राजनीतिक जमीन बनाए रखने की कोशिश कर रही है. पार्टी का शुरू से ही फोकस रहा है कि सीमित सीटों पर मजबूत उम्मीदवार उतारकर जीत हासिल करना है, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उपस्थिति दिखा सके.

कुथुपरम्बा क्यों है खास

कन्नूर जिले की कुथुपरम्बा विधानसभा सीट मालाबार क्षेत्र की महत्वपूर्ण सीटों में गिनी जाती है. यहां पर आमतौर पर वामपंथी दलों का प्रभाव रहा है, लेकिन हर चुनाव में मुकाबला कड़ा रहता है. इस बार भी RJD उम्मीदवार प्रवीण को IUML, BJP और अन्य उम्मीदवारों से सीधी टक्कर मिली थी. हालांकि इन सब के बीच आरजेडी प्रत्याशी ने चुनाव में जीत दर्ज कर ली है.

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