Ujjain: नोबल अस्पताल में गलत इलाज से मरीज की मौत! अस्पताल सील कर प्रशासन ने जांच-पड़ताल की शुरू

उज्जैन के नोबल अस्पताल पर गलत इलाज से मरीज की मौत का आरोप लगा है. पुलिस की टीम ने अस्पताल को सील कर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.
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फाइल फोटो

डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है. मरीज और उसका पूरा परिवार डॉक्टरों पर आंख मूद के भरोसा करता और अक्सर जैसा वे कहते है उसमें राजी भी हो जाता है. लेकिन इसी भरोसे को तोड़ने वाला मामला उज्जैन से सामने आया है. उज्जैन के नोबल अस्पताल पर गलत इलाज से मरीज की मौत का आरोप लगा है. मामले में परिजनों ने शव रखकर हंगामा किया तो वहीं सीएमएचओ व पुलिस प्रशासन की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया. मामले में पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल मामला इस प्रकार है कि दीपिका डाबी नामक 11 वर्षीय बालिका का पिछले एक माह से थाना नीलगंगा क्षेत्र के मंछामन कॉलोनी में स्थित नोबेल क्लीनिक पर इलाज चल रहा था. यहां बालिका का अपेंडिक्स का ईलाज चल रहा था. आज अपेंडिक्स का ऑपरेशन हुआ. इसके बाद बालिका की तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल प्रबंधन ने एंबुलेंस के माध्यम से दूसरे अस्पताल शिफ्ट किया. इस दौरान उसकी मौत हो गई.

परिजनों को नहीं दी मौत की खबर

परिजनों को यह नहीं बताया गया की बालिका की मौत हो गई है. जब परिजनों को पता चला तो उन्होंने पहले अस्पताल के बाहर हंगामा किया. जहां मौके पर पुलिस प्रशासन के अलावा सीएमएचओ पहुंच गए. इस दौरान अस्पताल प्रबंधक अस्पताल पर ताला लगाकर भाग गया. वही सीएमएचओ के निर्देश पर अस्पताल को सील कर दिया गया. शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया. जहां आज रात्रि 8 बजे परिजनों ने बीच सड़क पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया.

अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज

मामले में थाना नीलगंगा पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. तो वहीं cmho अशोक कुमार पटेल ने मामले को गंभीर लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और अस्पताल का पंजीयन निरस्त करने की बात कही है. जांच में यदि डॉक्टरों की गलती पाई जाती है तो उन पर भी कार्रवाई करने की बात कही जा रही है.

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