बॉर्डर सुरक्षा को लेकर सरकार सख्‍त! सीमा से 15 किमी तक अवैध निर्माणों पर गिरेगी गाज, अमित शाह का आदेश

Border Area Construction Ban: अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा से 15 किलोमीटर के भीतर बने अवैध ढांचों को हटाने के निर्देश दिए हैं.
गृहमंत्री अम‍ित शाह

गृहमंत्री अम‍ित शाह

Government Strict Border Security Order: केंद्र सरकार हो या फिर राज्य सरकारें इस समय घुसपैठ के मामलों पर दोनों ही सख्त नजर आ रही हैं. पश्‍च‍िम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी ने सीधे आदेश दिया कि वहां मौजूद घुसपैठिए जल्‍द से जल्‍द भाग जाएं. इन सब के बीच अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी  अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने की तैयारी शुरू कर दी है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि देश की सीमाओं से 15 किलोमीटर के दायरे में बने सभी अवैध ढांचों को हटाया जाए. इसके साथ ही  सीमा क्षेत्रों में जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू करने की भी बात कही है. मतलब यह कि सीमा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.

यह फैसला राजस्थान के बीकानेर में हुई एक हाईलेवल मीटिंग के दौरान लिया गया है. बैठक में सीमावर्ती जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अफसरों और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इस दौरान सीमा पार से होने वाली घुसपैठ, ड्रग्स तस्करी, फर्जी दस्तावेज और अवैध आर्थिक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई.  

किसे सौंपी गई जिम्मेदारी?

गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती जिलों के डीएम और पुलिस प्रशासन को अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि वे संदिग्ध बैंक खातों, फर्जी कंपनियों, हवाला नेटवर्क और नकली आधार कार्ड जैसे मामलों पर खास नजर रखें. साथ ही बड़े कारोबारी प्रतिष्ठानों और उनकी फंडिंग की भी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं.

360 डिग्री सुरक्षा मॉडल तैयार करने पर जोर

सरकार का मानना है कि सीमा के पास बने अवैध निर्माण कई बार तस्करी, घुसपैठ और गैरकानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल होते हैं. इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियों, स्थानीय प्रशासन और आम लोगों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर 360 डिग्री सुरक्षा मॉडल तैयार करने पर जोर दिया गया है.

इसके साथ ही केंद्र सरकार स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट पर भी तेजी से काम कर रही है. इस योजना के तहत पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा पर हाईटेक निगरानी सिस्टम, ड्रोन, सेंसर और आधुनिक कैमरों की मदद से सुरक्षा मजबूत की जाएगी ताकि घुसपैठ और तस्करी जैसी गतिविधियों को रोका जा सके.

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