अयोध्या से दिल्ली तक गूंजा दान विवाद! सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा कथित चोरी का मामला, निष्पक्ष जांच की मांग
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा चंदा चोरी का मामला
Ayodhya Ram Mandir Chanda Chori Case: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. इस संबंध में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखकर पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है. यह पूरा विवाद पिछले एक हफ्ते से देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. विपक्ष जमकर आरोप लगा रहा है, तो वहीं इस मामले में अब तक कई लोगों से पूछताछ भी की जा चुकी है.
याचिका में दावा किया गया है कि मंदिर में प्राप्त दान राशि के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं. पत्र में कहा गया है कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और श्रद्धालुओं का भरोसा कायम रहे.
अनियमितताओं के लगे गंभीर आरोप
इस विवाद ने तब तूल पकड़ा जब दान राशि में कथित अनियमितताओं और करोड़ों रुपये के गबन के आरोप सामने आए. बढ़ते विवाद के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर जांच शुरू कर दी है. SIT को पूरे वित्तीय लेन-देन और धन के प्रवाह की पड़ताल का जिम्मा सौंपा गया है.
हालांकि, कुछ विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि केवल SIT जांच पर्याप्त नहीं है. उनका तर्क है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच पूरी तरह स्वतंत्र होनी चाहिए, ताकि किसी तरह के पक्षपात की आशंका न रहे.
राम मंदिर के पदाधिकारियों ने क्या कहा?
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों ने पहले ही किसी भी तरह की गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है और तथ्यों को सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच का समर्थन किया है. फिलहाल सभी की निगाहें जांच की दिशा और उसके निष्कर्षों पर टिकी हैं.
इस मामले में ट्रस्ट अपने स्तर पर छापेमारी और कैश रिकवरी की कार्रवाई कर रहा है। लेकिन, अब तक FIR दर्ज नहीं कराई गई है. चंपत राय ने 12 जून को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सफाई दी. कहा- ट्रस्ट समय-समय पर चढ़ावे की राशि को ऑडिट कराता है। किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं है.
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