MP News: सलकनपुर विजयासन देवी धाम में भ्रष्टाचार का आरोप, विक्रम मस्‍ताल बोले- दान राशि और सुरक्षा व्‍यवस्‍था की निष्‍पक्ष जांच हो

MP News: बुधनी विधानसभा सीट से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी और अभिनेता विक्रम शर्मा मस्ताल ने सलकनपुर स्थित प्रसिद्ध विजयासन देवी धाम के प्रबंधन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं.
Vikram Mastal

विक्रम मस्‍ताल

MP News: सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी और अभिनेता विक्रम शर्मा मस्ताल ने सलकनपुर स्थित प्रसिद्ध विजयासन देवी धाम के प्रबंधन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. मंगलवार को जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता और संचालन पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की.

अयोध्या का जिक्र कर उठाए सवाल

मस्ताल ने अपने बयान में कहा कि देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर वित्तीय अनियमितताओं को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि सलकनपुर धाम में भी दान और चढ़ावे से जुड़े मामलों की पारदर्शी जांच होना जरूरी है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके.

चोरी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

उन्होंने मंदिर में पहले हुई चोरी की घटना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद ऐसी वारदात कैसे हुई, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चोरी में कितनी राशि का नुकसान हुआ और मंदिर को कुल कितना दान प्राप्त हुआ, इसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई.

दान की राशि का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग

विक्रम मस्ताल का कहना है कि मंदिर में हर वर्ष श्रद्धालुओं की ओर से करोड़ों रुपये का चढ़ावा और दान आता है, लेकिन इस राशि का उपयोग किन कार्यों में किया जाता है, इसका पूरा ब्यौरा आम लोगों के सामने नहीं रखा जाता. उनके अनुसार यह धन लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसके आय-व्यय का पूरा हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए.

मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर निशाना

उन्होंने मंदिर प्रबंधन समिति की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि लंबे समय से समिति का संचालन सीमित लोगों के प्रभाव में है. उनका कहना है कि व्यवस्था में पारदर्शिता और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता है.

शीर्ष नेतृत्व से हस्तक्षेप की अपील

मस्ताल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और जिला कलेक्टर से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है. उन्होंने मांग की कि मंदिर की आय-व्यय का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए और यदि किसी तरह की वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए.

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