कॉकरोच जनता पार्टी के अभ‍िजीत दीपके ने अन्ना हजारे को लेकर ऐसा क्‍या कह द‍िया? जो मच गया बवाल

CJP Abhijit Dipke Anna Hazare Remark: ने कहा, 60-70 से अधिक उम्र के लोगों को रिटायरमेंट ले लेना चाहिए. युवाओं को अब चीजें अपने हाथ में लेनी चाहिए. इस दौरान उन्होंने अन्ना हजारे का भी जिक्र किया. जानें क्या कहा?
Abhijit Dipke Anna Hazare Controversy

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके (File Photo)

Controversial Statement Sparks Row: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके दिल्ली के जंतर-मंतर में पिछले 18 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं. अभिजीत दीपके का प्रदर्शन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर शुरू हुआ था, जो अभी भी चल रहा है. अभिजीत अपने गृह जिला छत्रपति संभाजीनगर में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा, 60-70 से अधिक उम्र के लोगों को रिटायरमेंट ले लेना चाहिए. युवाओं को अब चीजें अपने हाथ में लेनी चाहिए. इस दौरान उन्होंने अन्ना हजारे का भी जिक्र किया. जानें क्या कहा?

अभिजीत दीपके ने अन्ना हजारे को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी. उन्होंने मीडिया के सवालों पर अन्ना हजारे को बुड्डे लोग बोलते हुए कहा, उन्हें आश्रम में बैठना चाहिए. मीडिया ने जब दीपके से सवाल किया कि क्या वे अन्ना हजारे से मुलाकात करेंगे, तो उन्होंने कहा कि बिल्कुल नहीं. मुझे लगता है कि युवाओं को अब चीजें अपने हाथ में लेनी चाहिए. यह बात दीपके ने अपने गृह जिले छत्रपति संभाजीनगर में कही.

60-70 साल वालों को रिटायर हो जाना चाहिएः दीपके

छत्रपति संभाजीनगर में दीपके पेपर लीक मामले में छात्रों के साथ प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा, जो लोग 60-70 साल के हो गए हैं. उनको रिटायर हो जाना चाहिए. चाहें राजनीति हो या एक्टिविज्म. उनको आश्रम में जाकर बैठना चाहिए. पेपर लीक की समस्या हमारे भविष्य का सवाल है, छात्रों के भविष्य का सवाल है. हमें फैसला करने दो. कब तक बूढ़े लोग फैसला करते रहेंगे.

ये भी पढ़ेंः 26 साल में 1.7 करोड़ की नौकरी, फिर भी छोड़ी जॉब, 5 साल बाद शेयर किया अनुभव, बोले- उम्मीद से बिल्कुल अलग जिंदगी

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके का आज दिल्ली के जंतर-मंतर में आंदोलन का 18वां दिन है. उनके साथ सोनम वांगचुक भी प्रदर्शन में शामिल हुए हैं, जो 10 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. प्रदर्शन में शामिल होने के बाद वांगचुक का वजन करीब 7 किलोग्राम कम हो गया. अभी भी वो आंदोलन की बागडोर संभाले हुए हैं.

ज़रूर पढ़ें