Raipur News: रायपुर में दर्दनाक हादसा, प्राचीन मंदिर की बावड़ी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत, गांव में मातम

Raipur Bawdi Accident: जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह दोनों बच्चे मंदिर परिसर के आसपास दूसरे बच्चों के साथ खेल रहे थे. इसी दौरान वे खेलते-खेलते प्राचीन बावड़ी के किनारे पहुंच गए और हादसे का शिकार हो गए. जब काफी देर तक बच्चे नजर नहीं आए, तब परिजनों और ग्रामीणों ने मिलकर उनकी तलाश शुरू की.
Raipur Bawdi Accident

बावड़ी में डूबने से दो बच्चों की मौत

Raipur Bawdi Accident: छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां धरसीवां इलाके के कुर्रा गांव में रहने वाले दो मासूम बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई. शनिवार सुबह 7 साल की साक्षी साहू और 4 साल का श्रवण धीवर खेलते-खेलते पास के कुंबरगढ़ में बने पुराने चतुर्भुजी मंदिर परिसर की बावड़ी (सीढ़ीदार कुएं) के पास चले गए थे. वहां अचानक पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने की वजह से दोनों बच्चे बावड़ी के गहरे पानी में गिर गए. धरसीवां थाना प्रभारी राजेंद्र दीवान ने बताया कि इस हादसे में दोनों बच्चों की जान चली गई है, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल है.

जानिए कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह दोनों बच्चे मंदिर परिसर के आसपास दूसरे बच्चों के साथ खेल रहे थे. इसी दौरान वे खेलते-खेलते प्राचीन बावड़ी के किनारे पहुंच गए और हादसे का शिकार हो गए. जब काफी देर तक बच्चे नजर नहीं आए, तब परिजनों और ग्रामीणों ने मिलकर उनकी तलाश शुरू की.

खोजबीन के दौरान दोनों बच्चों को बावड़ी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. घटना की सूचना मिलते ही धरसीवां पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

गहरी बावड़ी के पास सुरक्षा के इंतजाम नहीं

इस हादसे के बाद ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर परिसर की यह पुरानी बावड़ी बहुत गहरी है, लेकिन यहां सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है. बावड़ी के चारों तरफ न तो कोई मजबूत दीवार या रेलिंग बनाई गई है और न ही लोगों को सचेत करने के लिए कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है.

ये भी पढ़ें-Ambikapur: मां महामाया मंदिर के प्रसाद में मिलावट, जांच में सैंपल हुआ फेल, जानें कैसे हुआ खुलासा

प्रशासन से सुरक्षा की दोबारा मांग

स्थानीय लोगों के मुताबिक, उन्होंने पहले भी प्रशासन से यहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की थी, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. अब ग्रामीणों ने प्रशासन से दोबारा मांग की है कि बावड़ी के चारों ओर सुरक्षा दीवार, लोहे की जाली और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसा दर्दनाक हादसा दोबारा न हो.

ज़रूर पढ़ें