पंजाब चुनाव से पहले क्यों चर्चा में आए राघव चड्ढा? PM मोदी से मुलाकात ने बढ़ाया सियासी सस्पेंस

Raghav Chadha PM Modi Meeting: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है. जिसके बाद यह माना जा रहा है कि बीजेपी राघव को पंजाब में बड़ी जिम्‍मेदारी देने की तैयारी कर रही है.
राघव चड्ढा और पीएम मोदी

राघव चड्ढा और पीएम मोदी

Raghav Chadha PM Modi Meeting: पंजाब की राजनीति में अब चुनावी बिसात ब‍िछती नजर आ रही है. एक के बाद एक कई नेताओं की दिल्ली में मुलाकातों का सिलसिला जारी है. इन सब के बीच राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात हुई है. इस मुलाकात के बाद अब कई तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं. सबसे बड़ा सवाल क्या बीजेपी पंजाब में उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी कर रही है?

चड्ढा ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर कीं हैं. उन्‍होंने इस मुलाकात को अपने लिए खास अनुभव बताया है. उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत को विस्तृत और सीख देने वाली चर्चा बताया है.

AAP से BJP तक का सफर

राघव चड्ढा लंबे समय तक आम आदमी पार्टी के प्रमुख चेहरों में रहे हैं. अभी कुछ महीनों पहले तक ही वे संसद में आम आदमी पार्टी की तरफ से बात किया करते थे. इसके साथ ही सरकार से तीखे सवाल किया करते थे. पंजाब और राघव को लेकर ऐसा कहा जाता है कि उन्‍होंने आम आदमी पार्टी का वहां माहौल बनाने में काफी काम किया है.

अब वही चड्ढा बीजेपी के साथ हैं और पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री के साथ उनकी बैठक को लेकर यह चर्चा स्वाभाविक है कि पार्टी उन्हें चुनावी रणनीति में किस तरह इस्तेमाल कर सकती है.

पंजाब की राजनीति और शहरी मतदाताओं के बीच उनकी पहचान बीजेपी के लिए उपयोगी मानी जा सकती है. जालंधर से उनका पारिवारिक जुड़ाव भी है, जबकि अमृतसर, लुधियाना और जालंधर जैसे बड़े शहर चुनावी लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हैं. अब देखना होगा कि पार्टी आने वाले समय में कौन सी बड़ी जिम्मेदारी सौंपता है.

क्या बीजेपी बदल रही है पंजाब की रणनीति?

बीजेपी लंबे समय से पंजाब में अपने दम पर राजनीतिक विस्तार की कोशिश कर रही है. हालांकि अब तक सफलता नहीं मिल पाई है. अकाली दल से पुराना गठबंधन खत्म होने के बाद पार्टी के सामने राज्य में अपना अलग आधार मजबूत करने की चुनौती रही है.

ऐसे में AAP की राजनीति को करीब से समझने वाले चड्ढा का बीजेपी के साथ होना पार्टी के लिए एक अतिरिक्त राजनीतिक हथियार साबित हो सकता है. खासकर उन इलाकों में जहां शहरी और मध्यमवर्गीय मतदाताओं का प्रभाव ज्यादा है.

बादल ने भी की थी पीएम मोदी से मुलाकात

इस पूरे घटनाक्रम में एक और मुलाकात महत्वपूर्ण हो जाती है. राघव चड्ढा से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल से भी मुलाकात की थी. अकाली दल इस समय पहले के मुकाबले कमजोर स्थिति में है. लेकिन, पंजाब की राजनीति में उसका पारंपरिक प्रभाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी नई तरह की रणनीति पर काम कर रही है. 

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