ग्वालियर में सर्पदंश का हाहाकार, एक-एक मरीज को लग रहे 20 एंटी-वेनम, 540 को डंसा, 18 की मौत

Gwalior: इन दिनों ग्वालियर में जहरीले सांपो का आंतक फैला हुआ है. अस्पतालों में सर्पदंश के मामले बढ़ते जा रहे हैं.
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फाइल फोटो

Gwalior: बारिश के मौसम में सांप-बिच्छू जैसे जीवों का आंतक बढ़ जाता है. कई बार इनके काटने से लोगों की मौत भी हो जाती है. इन दिनों मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में जहरीली सांपों का आंतक बढ़ गया है. नदी-नालों के उफान और गड्ढों में पानी भरने के कारण सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में रिहाइशी इलाकों और घरों का रुख कर रहे हैं. इसी वजह से अस्पतालों में सर्पदंश (स्नैक बाइट) के मामलों में अप्रत्याशित उछाल आया है.

चौंकाने वाले हैं आंकड़े

ग्वालियर के सबसे बड़े जयारोग्य चिकित्सालय से जो आंकड़े सामने आए हैं वह डराने वाले हैं. 1 जुलाई से 4 अगस्त तक जेएएच के मेडिसिन विभाग में सर्पदंश के 540 से अधिक मरीज भर्ती हो चुके हैं, जिनमें से 18 मरीजों की मौत हो चुकी है. इतना नहीं वर्तमान में जेएएच अस्पताल में जो भी स्नेक बाइट के मरीज आईसीयू में 15 मरीज जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि सांपों का जहर इतना खतरनाक है कि एक-एक मरीज को 20-20 एंटी-स्नेक वेनम के इंजेक्शन लगाने पड़ रहे हैं.

इस महीने हुई 3 की मौत

जेएएच के अधीक्षक डॉ. मनीष चतुर्वेदी ने बताया कि केवल जुलाई माह के 30 दिनों में स्नेक बाइट के 500 मरीज मेडिसिन विभाग पहुंचे, जिनमें से 15 की मौत हो गई. वहीं अगस्त के शुरुआती 4 दिनों में ही 40 नए मरीज भर्ती हुए हैं. गोले का मंदिर थाना क्षेत्र में मजदूरी करने वाली 35 वर्षीय हल्ली बाई को मंगलवार को सांप ने डस लिया था, जिसकी बुधवार को न्यू जेएएच में इलाज के दौरान मौत हो गई. इस महीने अब तक 3 मरीजों की जान जा चुकी है.

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