Bhind: MSP घोटाले का हिसाब मांगने पहुंचे किसान, सहायक सचिव को बेसबॉल बैट से पीटा, जानें क्या है पूरा विवाद
सहायक सचिव
इनपुट-सचिन शर्मा
Bhind: भिंड जिले के लहार थाना क्षेत्र में सहायक सचिव के साथ हुई बंधक बनाकर बेरहमी से मारपीट के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. शुरुआती तौर पर यह मामला केवल मारपीट का प्रतीत हो रहा था, लेकिन अब किसानों ने इसके पीछे करोड़ों के कथित MSP फर्जीवाड़े और लाखों रुपये के भुगतान विवाद की कहानी सामने रखी है. किसानों का आरोप है कि गेहूं खरीदी के नाम पर फर्जीवाड़ा कर उनकी मेहनत की कमाई रोक ली गई थी. लंबे समय तक भुगतान नहीं मिलने से नाराज किसानों ने सहायक सचिव को अपना निशाना बना लिया.
क्या है पूरा मामला?
किसानों के मुताबिक, उन्होंने इस साल लहार बस स्टैंड स्थित MSP खरीदी केंद्र पर 20 किसानों का कुल 1,512 क्विंटल गेहूं, जिसकी कीमत करीब 38 लाख रुपये थी, बेचा था. इनमें से लगभग 20 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया, लेकिन 14 लाख 83 हजार रुपये आज तक नहीं मिले. आरोप है कि कई बार पैसे मांगने के बावजूद सहायक सचिव विनोद सिंह राजावत उन्हें लगातार टालते रहे और गुमराह करते रहे.
किसानों का आरोप
किसानों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विनोद सिंह राजावत ने MSP की राशि हड़पने के लिए फर्जी किसानों के नाम से पंजीयन कराया. इसमें अपने रिश्तेदारों के नाम शामिल किए गए और दूसरे किसानों की जमीन पर भी फर्जी पंजीयन कराया गया. आरोप यह भी है कि बाजार से कम कीमत पर गेहूं खरीदकर उसे फर्जी किसानों के नाम से MSP पर बेचकर सरकारी योजना का दुरुपयोग किया गया.
विनोद राजावत पर गेहूं खरीदी में गड़बड़ी का आरोप
मामले में यह तथ्य भी सामने आया है कि विनोद सिंह राजावत पर एक साल पहले मछंड खरीदी केंद्र के प्रभारी रहते हुए करीब डेढ़ करोड़ रुपये की गेहूं खरीदी में गड़बड़ी के आरोप भी लग चुके हैं. हालांकि उन आरोपों की स्थिति पुलिस और संबंधित विभाग की जांच का विषय है. कथित भुगतान नहीं मिलने से आक्रोशित किसानों ने विनोद सिंह राजावत को लहार में पकड़ लिया. आरोप है कि उन्हें करीब 13 घंटे तक कार में बंधक बनाकर घुमाया गया और बेसबॉल बैट, प्लास्टिक पाइप, लात-घूंसों और थप्पड़ों से बेरहमी से पीटा गया. मारपीट के दौरान उनके बेहोश होने का भी आरोप है.
कई धाराओं में मामला दर्ज
पीड़ित का कहना है कि होश में आने के बाद आरोपियों ने पिस्टल दिखाकर उनसे तीन चेक, पांच कोरे कागज और 200-200 रुपये के दो स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर भी करा लिए. इसके बाद किसी तरह वह आरोपियों के चंगुल से छूटकर पुलिस तक पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर लहार थाना पुलिस ने अजीत सिंह चौहान, वीर प्रताप सिंह, पवन गुप्ता और अभिनंदन सिंह सहित चार नामजद एवं दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. पीड़ित 43 वर्षीय विनोद सिंह राजावत, बगियापुरा निवासी हैं और वर्तमान में मछंड सेवा सहकारी संस्था में सहायक सचिव के पद पर पदस्थ हैं.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है. एक ओर सहायक सचिव के साथ हुई बंधक बनाकर मारपीट और जबरन हस्ताक्षर कराने के आरोपों की जांच की जा रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों द्वारा लगाए गए MSP खरीदी में फर्जीवाड़े और भुगतान गबन के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है. जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी.
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