PRS सिस्टम में होगा बदलाव! 1 मिनट में 1.5 लाख टिकट होंगे बुक, जानें रेलवे का नया नियम

PRS System Ticket Booking: रेलवे के अनुसार, नए बदलाव के बाद पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम एक मिनट में 1.5 लाख से ज्यादा टिकट बुकिंग और 40 लाख से ज्यादा पैसेंजर इंक्वायरी का काम एक साथ कर सकेगा. बता दें कि प्रेजेंट में जो सिस्टम काम कर रहा है, वह लगभग 32 हजार बुकिंग और 4 लाख इंक्वायरी प्रति मिनट का काम करता है.
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1.5 Lakh Ticket Booking Capacity: रेलवे यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर कई बड़े और जरूरी फैसले लेता रहता है. इसी कड़ी में रेलवे टिकट बुकिंग प्रोसेस को तेज, आसान और पारदर्शिता बनाने के उद्देश्य से रेलवे अपने पैसेंजर सिस्टम में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है. इस नए उपग्रेड के बाद प्रेजेंट में काम रहा सिस्टम पहले से कहीं ज्यादा लोड उठा सकेगा.

रेलवे के अनुसार, नए बदलाव के बाद पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम एक मिनट में 1.5 लाख से ज्यादा टिकट बुकिंग और 40 लाख से ज्यादा पैसेंजर इंक्वायरी का काम एक साथ कर सकेगा. बता दें कि प्रेजेंट में जो सिस्टम काम कर रहा है, वह लगभग 32 हजार बुकिंग और 4 लाख इंक्वायरी प्रति मिनट का काम करता है.

रेलवे PRS को अपग्रेड क्यों कर रहा है?

बता दें कि रेलवे में ऑनलाइन टिकट बुकिंग बहुत तेजी से बढ़ रही है, जिस वजह से रेलवे ‘पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम’ (PRS) को अपग्रेड करने का निर्णय लिया है. रेलवे की रिपोर्ट्स के अनुसार, जून 2025 से जून 2026 के बीच बुक हुए कुल 65.08 करोड़ रिजर्व टिकटों में से लगभग 89 प्रतिशत(57.90 करोड़) टिकट ऑनलाइन बुक किए ए. जुलाई 2026 तक यह डिजिटल हिस्सेदारी और बढ़कर 89.84 प्रतिशत हो गई. इस समय रेलवे के पास 5.72 करोड़ से ज्यादा ऑनलाइन यूजर अकाउंट हैं और एक साथ 5 लाख से अधिक लोग वेबसाइट या ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं. इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर रेलवे यह नया बदलाव करने जा रहा है.

पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम कैसे काम करता है?

बता दें कि पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम, टिकट बुकिंग सिस्टम की सबसे बड़ी कंप्यूटराइज्ड व्यवस्था है. यह सिस्टम टिकट बुकिंग, टिकट कैंसिलशन, सीट अलॉटमेंट, वेटिंग लिस्ट, आरएसी (RAC), रिजर्वेशन चार्ट और पैसेंजर इंक्वायरी जैसे कामों को संभालता है. वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि IRCTC वेबसाइट, मोबाइल ऐप, RailOne ऐप और अथॉराइज्ड एजेंट पैसेंजर रिजर्वेशन अपग्रेड सिस्टम के तहत ही काम करते हैं. यानी PRS के जरिए ही रेलवे टिकट बुक करने वाली सभी वेबसाइट और ऐप्स काम करते हैं.

तत्काल टिकट बुकिंग में तेजी

टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म IRCTC के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को बीटा वेबसाइट लॉन्च की गई थी, जिसके बाद तत्काल टिकट बुकिंग में तेजी आई है. IRCTC के अनुसार, पहले जिन तत्काल टिकटों को बुक होने में अधिक समय लगता था, वहीं अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद तीन मिनट के अंदर होने वाली तत्काल टिकट बुकिंग में रिकॉर्ड प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखी गई है. रेलवे का कहना है कि इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद तत्काल टिकट बुकिंग की प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता आई है.

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आधुनिक तकनीकी से तैयार होगा PRS

रेलवे के अनुसार, नया पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम आधुनिक तकनीकी से तैयार किया जाएगा. इसमें AI मशीन लर्निंग, बिग डेटा एनलिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और AR/VR जैसी तकनीकी शामिल हो सकते हैं. बता दें कि मौजूद PRS को 2010 में itanium सर्वर और open VMS प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किया गया था. रेलवे का कहना है कि इस सिस्टम में अब बदलाव करने की जरूरत है, जिससे यात्रियों की सुविधा आसान हो सके और टिकट बुकिंग प्रोसेस में तेजी आए.

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