मुस्लिम एक्टर आदिल हुसैन को भगवान शिव-कृष्ण में आस्था, बोले गीता ने बदला जिंदगी को देखने का नजरिया

Adil Hussain: बॉलीवुड एक्टर आदिल हुसैन अपने शानदार अभिनय के लिए जाने जाते है, लेकिन हाल ही उन्होंने अपनी आध्यात्मिक सोच को लेकर सुर्खियां बटोरी हैं.
Adil Hussain

आदिल हुसैन

Adil Hussain: बॉलीवुड एक्टर आदिल हुसैन अपने शानदार अभिनय के लिए जाने जाते है, लेकिन हाल ही उन्होंने अपनी आध्यात्मिक सोच को लेकर सुर्खियां बटोरी हैं. मुस्लिम धर्म से ताल्लुक रखने वाले आदिल हुसैन ने हाल ही में भगवान शिव और कृष्ण के प्रति अपनी आस्था के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि वह भागवत गीता पढ़ते हैं और इसे पढ़ने से उनका जीवन को देखने का नजरिया काफी हद तक बदल गया है.

क्या बोले आदिल हुसैन?

दरअसल हाल ही में बॉलीवुड एक्टर आदिल हुसैन पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट ‘अबरा का डबरा शो’ में शामिल हुए. जहां उन्होंने भगवत गीता, कर्म, आत्मा, पुनर्जन्म और जीवन के उद्देश्य जैसे विषयों पर खुलकर बात की. इस दौरान आदिल ने कहा कि गीता उनके लिए केवल धार्मिक किताब नहीं है, बल्कि खुद को समझने और अपने कर्मों पर विचार करने का मौका देने वाली रचना है. इस बात चीत पर आदिल ने कर्म और उसके प्रभाव से जुड़े अपने विचार साझा किए.

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गीता पर क्या बोले आदिल हुसैन?

हिंदू ग्रंथ पढ़ने पर आदिल ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि उन्हें इसे क्यों नहीं पढ़ना चाहिए. यह भारत देश है और वह यहां के निवासी हैं. अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आदिल ने कहा कि अगर भारतवर्ष में रहकर हम यहां का ज्ञान भंडार नहीं जानते हैं तो फिर इस देश में पैदा होने का कोई मतलब नहीं है. उन्होंने इस दुनीया का हिस्सा होने पर खुद को खुश किस्मत बताया. उन्होंने बताया कि उन्हें सूफी के बारे में दादा ने बताया था और उन्होंने कभी किसी भी धर्म के बीच फर्क नहीं किया.

राम कृष्णन की बात को किया याद

आदिल हुसैन ने बातचीत के दौरान राम कृष्णन की बात को याद किया और कहा कि राम कृष्णन ने बहुत अच्छी बात कही है, जितना मत, उतना पथ. हर इंसान का अलग-अलग पथ है. आदिल ने बताया कि उन्होंने कृष्ण को गीता में पढ़ा और वह उनके भी भक्त हैं. उन्होंने राम-शिव जी के बारे में भी पढ़ा और रूमी के बारे में भी पढ़ा. उनके मुताबिक अगर धार्मिक दृष्टिकोण से देखें तो उसमें कोई फर्क नहीं हैं और छोटी सोच वाले लोग फर्क करते हैं.

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