जंतर-मंतर प्रदर्शन में नाबालिगों की मौजूदगी पर MP में शिकायत, अभिजीत दिपके और सौरव दास के खिलाफ जांच की मांग
अभिजीत दिपके और सौरव दास
MP News: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर अभिजीत दिपके तथा पार्टी प्रवक्ता सौरव दास के खिलाफ मध्य प्रदेश की इंदौर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई गई है. यह शिकायत दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में कथित तौर पर नाबालिग लड़के-लड़कियों की मौजूदगी को लेकर की गई है.
इंदौर पुलिस के मुताबिक, शिकायत में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान नाबालिगों की कथित भागीदारी की जांच कराने की मांग की गई है. शिकायत में CJP संस्थापक अभिजीत दिपके, प्रवक्ता सौरव दास और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करने का अनुरोध किया गया है.
मुंबई निवासी फैजान अंसारी ने शिकायत में कहा है कि जांच के जरिए यह पता लगाया जाना चाहिए कि अभिजीत दिपके, सौरव दास या उनसे जुड़े अन्य लोगों ने नाबालिगों को प्रदर्शन में लाने, बुलाने, भाग लेने के लिए प्रेरित करने या उनकी भागीदारी को आसान बनाने में कोई भूमिका निभाई थी या नहीं.
फोटो-वीडियो और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने प्रदर्शन से जुड़े फोटो और वीडियो, मीडिया इंटरव्यू, सार्वजनिक बयानों, प्रदर्शन स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग के साथ सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग की है. इन सभी सामग्री की जांच के जरिए मामले से जुड़े तथ्यों का पता लगाने का अनुरोध किया गया है.
अपराध मिलने पर FIR की मांग
शिकायत में कहा गया है कि यदि जांच के दौरान पॉक्सो अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम या किशोर न्याय अधिनियम के तहत कोई संज्ञेय अपराध सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए.
जांच के बाद कार्रवाई करेगी पुलिस
इंदौर क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने बताया कि अंसारी की शिकायत पुलिस को प्राप्त हुई है. उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता खुद को सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर बता रहे हैं. शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
36 दिन तक चला था प्रदर्शन
नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP की अगुवाई में युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया था. यह आंदोलन करीब 36 दिनों तक चला. प्रदर्शनकारियों ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च करने का प्रयास किया था, जिसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की थी.
इसके बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार के साथ बातचीत के बाद CJP ने 25 जुलाई को अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया था.
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