विदेश भेजे हजारों करोड़ रपये!जयपुर से हैदराबाद तक FIR, फॉरेन रेमिटेंस केस में अब तक क्या-क्या मिला?
इनकम टैक्स (File Photo)
Foreign Remittance Scam: आयकर विभाग ने कथित फर्जी विदेशी रेमिटेंस के बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई तेज कर दी है. जांच में आरोप सामने आया है कि संदिग्ध कंपनियों और लोगों के नाम पर करीब ₹3,675 करोड़ विदेश भेजे गए. इस मामले में राजस्थान के जयपुर और श्रीगंगानगर तथा तेलंगाना के हैदराबाद में तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. वहीं करीब 40 अन्य संस्थाएं भी जांच के दायरे में हैं.
आयकर विभाग को डेटा विश्लेषण के दौरान ऐसे कई विदेशी लेनदेन मिले. जिनका संबंधित लोगों और कंपनियों की घोषित आय या कारोबार से मेल नहीं बैठता. आरोप है कि विदेश में रकम भेजने के लिए जरूरी फॉर्म 15CB प्रमाणपत्र बिना पर्याप्त दस्तावेजी जांच के जारी किए गए.
जांच में हुए कई खुलासे
जयपुर में CA अभिषेक जैन के खिलाफ दर्ज मामले में आरोप है कि वित्त वर्ष 2021-22 से 2023-24 के दौरान कथित शेल कंपनियों के माध्यम से करीब ₹2,395 करोड़ विदेश भेजे गए. जांच में 3,168 फॉर्म 15CB प्रमाणपत्र जारी किए जाने की जानकारी मिली है. विभाग का दावा है कि कई मामलों में बैंक खाते, समझौते और अन्य दस्तावेजों की पर्याप्त जांच नहीं की गई.
किन-किन पर हुआ मामला दर्ज?
श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर में CA शेरिल गुप्ता पर भी केस दर्ज हुआ है. आरोप है कि उनके जारी किए गए प्रमाणपत्रों के जरिए करीब ₹815 करोड़ की विदेशी रेमिटेंस हुई. जांच में बड़ी संख्या में ऐसे लेनदेन मिले, जिनमें संबंधित लोगों की आय और कारोबार की स्थिति संदिग्ध बताई गई.
हैदराबाद कनेक्शन भी आया सामने
हैदराबाद में CA हरि शंकर रेड्डी रेनाटी और अन्य लोगों पर कथित शेल कंपनियों के जरिए ₹464.8 करोड़ से अधिक विदेश भेजने का आरोप है. जांच एजेंसियों का कहना है कि संबंधित कंपनियों के रिकॉर्ड और वास्तविक अस्तित्व की पर्याप्त जांच किए बिना प्रमाणपत्र जारी किए गए.
फॉर्म 15CB एक ऐसा टैक्स प्रमाणपत्र है, जिसे कुछ विदेशी रेमिटेंस के मामलों में चार्टर्ड अकाउंटेंट जारी करता है. इसमें लेनदेन, टैक्स देनदारी और संबंधित दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होती है. आयकर विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की भूमिका खंगाल रहा है और जांच का दायरा आगे बढ़ने की संभावना है.
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