Surguja News: 12 हाथियों के दल ने थोड़गी और लावाहोरी में मचाया जमकर उत्पात, तीन परिवार बेघर, 25 बोरी धान खा गए हाथी

Elephant Terror in Janakpur: थोड़गी के बाद हाथियों का दल ग्राम पंचायत घघरा के आश्रित ग्राम लावाहोरी पहुंचा, जहां हाथियों ने विष्णु अगरिया और सुखलाल अगरिया के मकानों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. बताया जा रहा है कि हाथियों ने विष्णु अगरिया के घर को तोड़कर अंदर रखे करीब 25 बोरी धान खा गए.
Wild elephant

जंगली हाथियों का आतंक

इनपुट-मदन तिवारी

जनकपुर वन परिक्षेत्र में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. बीती रात करीब 9 बजे 12 हाथियों के दल ने पहले थोड़गी गांव के हतवारी पारा में जमकर उत्पात मचाया. हाथियों ने यहां रामप्रताप, जगतपाल और बाबूराम के मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया. मकानों में रखा सामान भी प्रभावित हुआ है. हाथियों के उत्पात के बाद तीनों परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है.

25 बोरी धान खा गए हाथी

थोड़गी के बाद हाथियों का दल ग्राम पंचायत घघरा के आश्रित ग्राम लावाहोरी पहुंचा, जहां हाथियों ने विष्णु अगरिया और सुखलाल अगरिया के मकानों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. बताया जा रहा है कि हाथियों ने विष्णु अगरिया के घर को तोड़कर अंदर रखे करीब 25 बोरी धान खा गए. इसके साथ ही हाथियों ने आसपास के खेतों में खड़ी धान और भुट्टे की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचाया है.

ग्रामीणों में दहशत

एक ही रात में दो अलग-अलग गांवों में हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की लगातार मौजूदगी के बावजूद वन विभाग ग्रामीणों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो रहा है. रात के समय हाथियों के गांव में पहुंचने से लोगों को जान-माल का खतरा बना हुआ है.

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ग्रामीणों ने की उचित मुआवजे की मांग

पार्क परिक्षेत्र जनकपुर क्षेत्र में लगातार हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है. ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों के दल को आबादी क्षेत्र से दूर करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं. प्रभावित मकानों और फसलों का सर्वे कराया जाए और नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते हाथियों को गांवों से दूर नहीं किया गया तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता.

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