Ambikapur: नौकरी का झांसा देकर कराया जा रहा था देह व्यापार! नशे में न्यूड वीडियो बनवाने का भी दावा
अंबिकापुर
Ambikapur: अंबिकापुर में युवतियों को नौकरी का झांसा देकर कथित तौर पर देह व्यापार के रैकेट में फंसाने की कोशिश का मामला सामने आया है. एक सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर युवती ने आरोप लगाया है कि उसकी बहन को अधिक कमाई वाली नौकरी का लालच देकर कथित गिरोह ने अपने जाल में फंसाने की कोशिश की. हालांकि, समय रहते सतर्कता बरतने के कारण युवती इस जाल में फंसने से बच गई.
मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, युवतियों से नौकरी के नाम पर फोन के जरिए बायोडाटा और कई निजी जानकारियां मांगी जा रही थीं. इनमें 5 फीट से अधिक हाइट, शरीर पर टैटू, तिल और अन्य व्यक्तिगत जानकारी शामिल होने का आरोप है. इसके बाद उन्हें अच्छी कमाई का लालच देकर आगे संपर्क बढ़ाने की कोशिश किए जाने की बात कही जा रही है.
निजी जानकारी लेने का आरोप
सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर परी यादव का आरोप है कि उसकी बहन से भी इसी तरह संपर्क किया गया. शुरुआत में नौकरी और अच्छी कमाई का लालच दिया गया. बातचीत के दौरान उससे व्यक्तिगत जानकारी और शारीरिक पहचान से जुड़ी डिटेल मांगी गईं. इसी दौरान परिवार को पूरे मामले पर संदेह हुआ और युवती को आगे बातचीत करने से रोक दिया गया.
नशा कराकर न्यूड वीडियो बनाने का दावा
परी यादव ने दावा किया है कि कथित गिरोह युवतियों को अपने जाल में फंसाने के बाद नशा कराकर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाने और बाद में उन्हीं वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने का काम करता है. हालांकि, इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
युवतियों को भेजे जा रहे रुपए के ढेर वाले वीडियो
आरोप है कि युवतियों को प्रभावित करने के लिए सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से बड़ी रकम और रुपए के ढेर वाले वीडियो भी भेजे जा रहे हैं.इन वीडियो के जरिए कथित तौर पर अधिक कमाई का लालच दिया जाता है, ताकि युवतियां आसानी से इस नेटवर्क के संपर्क में आ सकें.
सजगता से जाल में फंसने से बची युवती
परी यादव के मुताबिक, उसकी बहन भी इस कथित नेटवर्क के संपर्क में आ गई थी, लेकिन बातचीत के दौरान सामने आए सवालों और मांगी जा रही निजी जानकारियों से परिवार को संदेह हुआ. इसके बाद युवती ने आगे संपर्क नहीं किया और कथित तौर पर वह इस जाल में फंसने से बच गई.
परी यादव ने विस्तार न्यूज़ से बातचीत में कथित गिरोह के काम करने के तरीके और युवतियों को निशाना बनाए जाने के संबंध में कई गंभीर आरोप लगाए हैं. अब सवाल यह है कि नौकरी के नाम पर युवतियों से संपर्क करने वाले लोग कौन हैं और उनके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा है? यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला बेहद गंभीर हो सकता है और पुलिस की जांच में इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी खुलासा हो सकता है.
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